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पीलीभीत में वनकर्मियों पर युवक को बंधक बनाकर बर्बरता करने का आरोप

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Forest officials in Pilibhit were accused of brutalizing a youth by holding him hostage.

पीलीभीत। जिले में वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। वन्यजीव शिकार के शक में एक युवक को पकड़कर कमरे में 28 घंटे तक बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हरीपुर और महोफ रेंज के अफसरों ने युवक के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और उसके शरीर तथा गुप्तांग में पेट्रोल डाला। पीड़ित युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

28 घंटे बंधक बनाकर की गई बर्बरता

जानकारी के अनुसार, थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांव चतीपुर निवासी पीड़ित युवक को वन विभाग के कर्मचारियों ने वन्यजीव शिकार के शक में हिरासत में लिया था। आरोप है कि उसे एक कमरे में बंद कर लगातार 28 घंटे तक यातनाएं दी गईं। इस दौरान वनकर्मियों ने पीड़ित के साथ अमानवीय व्यवहार किया और उसे झूठे बाघ शिकार के मामले में फंसाने की धमकी दी।

गुप्तांग में डाला पेट्रोल, दी झूठे केस की धमकी

पीड़ित युवक ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वन विभाग के कुछ अफसरों ने उसकी गुप्तांग में पेट्रोल डाल दिया और धमकी दी कि अगर उसने किसी से शिकायत की, तो उसे बाघ शिकार के फर्जी केस में जेल भेज दिया जाएगा।

मेडिकल रिपोर्ट में उजागर हुई बर्बरता

पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल परीक्षण में युवक के शरीर पर 12 गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जो बर्बर मारपीट की पुष्टि करते हैं। पीड़ित के अनुसार, उसने यह सारी जानकारी पुलिस को लिखित रूप में दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वन विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे

मामले में हरीपुर और महोफ रेंज के वन विभाग अधिकारी फिलहाल किसी भी टिप्पणी से बच रहे हैं। मीडिया द्वारा संपर्क करने पर उन्होंने मामले की जानकारी देने से इनकार कर दिया।

पुलिस जांच में जुटी

पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।