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बादल फटने से 3 की मौत, लैंडस्लाइडिंग और बिजली गिरने से हालात बिगड़े

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BY: Yoganand Shrivastva

जम्मू-कश्मीर: में लगातार हो रही भारी बारिश ने त्रासदी का रूप ले लिया है। रामबन जिले में शनिवार रात बादल फटने की घटना के बाद तीन लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। इस आपदा में दर्जनों घर और दुकानें तबाह हो गई हैं, वहीं कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।

रामबन में हालात भयावह

रामबन में भारी बारिश के चलते अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। बादल फटने से कई घर बह गए और सड़कें धंस गईं। दो होटल, कुछ दुकानें और कई घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। लैंडस्लाइडिंग के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के कई हिस्से अवरुद्ध हो गए हैं। लगभग 100 लोगों को स्थानीय पुलिस द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

रियासी में बिजली गिरने से दो की मौत

रियासी जिले के अरनास तहसील में शनिवार शाम चंटू गली क्षेत्र में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय अब्दुल रशीद और 25 वर्षीय शहनाज बेगम के रूप में हुई है, जो भोमग तहसील के लमसोरा गांव के निवासी थे। घायल महिला गुलजार बेगम (55) को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पशुधन को भी नुकसान, बकरियां और भेड़ें मरीं

इस प्राकृतिक आपदा में न केवल इंसानी जानें गईं, बल्कि 40 से अधिक बकरियां और भेड़ें भी बिजली गिरने और बाढ़ में मारी गईं। कई गांवों में पानी भर जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

कई घर तबाह, लोग हुए बेघर

चेनाब पुल धरमकुंड के पास एक गांव में तेज बारिश और बाढ़ के चलते 10 घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 25 से 30 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। पुलिस और बचाव दलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 90 से 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

सड़कों पर यातायात पूरी तरह बंद

भूस्खलन और भारी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे, मुगल रोड, एसएसजी रोड और सिंथन रोड को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक यात्रा न करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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