उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही: रुद्रप्रयाग और चमोली में सैलाब, राहत कार्य जारी

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उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही: रुद्रप्रयाग और चमोली में सैलाब, राहत कार्य जारी

उत्तराखंड में एक बार फिर बादल फटने की घटना ने कहर बरपाया। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में अचानक आए सैलाब और मलबे ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस आपदा में कुछ परिवार मलबे में फंसे हुए हैं और चमोली में दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।


घटना का विवरण

  • रुद्रप्रयाग: तहसील बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक में बादल फटने से मलबा आ गया। राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ।
  • चमोली: देवाल क्षेत्र में कालेश्वर के पास पहाड़ी से मलबा गिरा, जिससे कई घर क्षतिग्रस्त हुए। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति

चमोली जिले में निम्नलिखित क्षेत्रों में बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ा हुआ है:

  • ज्योर्तिमठ
  • देवाल
  • नारायणबगड़
  • थराली
  • नंदा नगर
  • कर्णप्रयाग
  • गैरसैंण
  • दशोली

लापता और घायल:

  • तारा सिंह और उनकी पत्नी मोपाटा, देवाल में लापता।
  • विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल।

राहत और बचाव कार्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की और स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए।

  • आपदा सचिव और जिलाधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क
  • मलबा हटाने और प्रभावितों की मदद के लिए जेसीबी और बचाव टीमें सक्रिय
  • राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति लगातार मॉनिटर की जा रही है

रुद्रप्रयाग में हालात

  • मूसलाधार बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग गौरीकुंड-रुद्रप्रयाग-ऋषिकेश-बद्रीनाथ कई स्थानों पर बंद।
  • नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर।
  • जगह-जगह लैंडस्लाइड और सड़क पर मलबा।
  • कई गाड़ियां फंसी हुई और लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए गए।

उत्तराखंड में हालात गंभीर हैं और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है। स्थानीय प्रशासन और सरकारी टीमें प्रभावित परिवारों की मदद में जुटी हैं। आम लोगों से अपील है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।