California: अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक छोटा विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। जॉन वेन एयरपोर्ट से टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के इंजन में समस्या आने से पायलट के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई। सीमित समय में निर्णय लेते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाई और विमान को समुद्र किनारे स्थित बीच की ओर मोड़ दिया। समय रहते लिए गए इस फैसले से एक बड़ा हादसा टल गया।
California: टेकऑफ के कुछ ही देर बाद आई तकनीकी खराबी
जानकारी के अनुसार, विमान ने कैलिफोर्निया के जॉन वेन एयरपोर्ट से सामान्य रूप से उड़ान भरी थी। हालांकि, टेकऑफ के कुछ ही समय बाद इंजन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे विमान को सुरक्षित उड़ाना चुनौतीपूर्ण हो गया।
ऐसी स्थिति में पायलट के पास बहुत कम समय था और उन्हें तुरंत सुरक्षित लैंडिंग के लिए जगह तलाशनी पड़ी।
California: पायलट ने बीच को बनाया अस्थायी रनवे
इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए पायलट ने विमान को समुद्र तट की ओर मोड़ने का फैसला किया। उन्होंने बीच की रेत पर ही विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
विमान रेत पर उतरने के बाद तेज रफ्तार से कुछ दूरी तक फिसलता रहा और फिर जाकर सुरक्षित रुक गया। राहत की बात यह रही कि लैंडिंग के दौरान विमान पलटा नहीं, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
California: बीच पर मौजूद लोग देखकर रह गए हैरान
इमरजेंसी लैंडिंग के समय समुद्र तट पर मौजूद लोगों ने यह पूरा घटनाक्रम अपनी आंखों के सामने देखा। अचानक बीच पर विमान उतरता देख लोग हैरान रह गए।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सहायता के लिए स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।
California: सभी यात्री सुरक्षित, किसी के घायल होने की सूचना नहीं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया और मौके पर पहुंची आपातकालीन टीमों ने स्थिति का जायजा लिया।
California: FAA और NTSB ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने विमान को सुरक्षित क्षेत्र में ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।
अमेरिका की Federal Aviation Administration (FAA) और National Transportation Safety Board (NTSB) ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि उड़ान के दौरान इंजन में तकनीकी खराबी किस वजह से आई और क्या विमान में पहले से कोई यांत्रिक समस्या मौजूद थी।



