UNSC: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की खुली बहस के दौरान भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।
UNSC: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की अध्यक्षता में आयोजित सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने कहा कि हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कई वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया। इनमें GFS Galaxy, MT Al Bahiah और MT Mombasa जैसे जहाज शामिल हैं।
भारत ने इन घटनाओं को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि समुद्री यात्रियों और कारोबारी जहाजों पर किसी भी प्रकार के हमले स्वीकार नहीं किए जा सकते।
UNSC: भारतीय नागरिकों को हुआ नुकसान, एक की मौत और एक लापता
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद को जानकारी दी कि इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो चुकी है। इसके अलावा एक भारतीय अब भी लापता है, जबकि कई अन्य भारतीय घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
UNSC: अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग
भारत ने सुरक्षा परिषद के समक्ष मांग रखी कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तत्काल बंद किया जाए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य सहित सभी अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित, निर्बाध और स्वतंत्र आवाजाही जल्द बहाल की जाए।
भारत ने कहा कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए इन समुद्री मार्गों का सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के हित में है।
UNSC: समुद्री यात्रियों पर हिंसा की निंदा, बातचीत पर दिया जोर
भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि भारत समुद्री यात्रियों को निशाना बनाने वाली किसी भी हिंसक कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका संवाद और कूटनीति है।
भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास करने की अपील की।
UNSC: भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मिडिल ईस्ट?
पी. हरीश ने कहा कि मध्य पूर्व भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा और कल्याण भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि भारत का ऊर्जा आयात, समुद्री व्यापार और आर्थिक संबंध इस क्षेत्र से गहराई से जुड़े हुए हैं। इसलिए क्षेत्र में स्थिरता भारत के राष्ट्रीय हितों के लिए भी आवश्यक है।
UNSC: व्यापार और निवेश से जुड़ा है भारत का हित
भारत ने सुरक्षा परिषद को बताया कि खाड़ी क्षेत्र के साथ उसका वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 180 अरब डॉलर का है। इसके अलावा इस क्षेत्र से भारत को 31 अरब डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ है।
साथ ही, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों में कार्यरत भारतीयों द्वारा भेजी जाने वाली 52 अरब डॉलर से अधिक की वार्षिक धनराशि (रेमिटेंस) भी भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
UNSC: क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर भारत का जोर
भारत ने दोहराया कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति, सुरक्षित समुद्री मार्ग और निर्बाध व्यापार केवल बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान से ही संभव है। भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने की अपील की।



