संवाददाता – दिनेश नागवंशी
Tamia Land Fraud Case तामिया। तामिया के चौरापाठर में सामने आए जमीन फर्जीवाड़े के मामले को लेकर शनिवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार सह एपीएस प्रकाश उईके पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों से पूरे मामले की जानकारी ली और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति की जानकारी अधिकारियों से मांगी।
मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद जमीन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर आयोग ने नाराजगी जताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को अब आयोग के समक्ष जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
Tamia Land Fraud Case में पीड़ित परिवारों से मिले प्रकाश उईके
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार प्रकाश उईके ने चौरापाठर पहुंचकर जमीन फर्जीवाड़े से प्रभावित पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों से जमीन से जुड़े पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी शिकायतों को सुना।
पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान जमीन के दस्तावेज और मामले से संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी जानकारी ली गई।
Tamia Land Fraud Case में अधिकारियों के पास नहीं मिले जमीन के दस्तावेज
मामले में उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब आयोग के वरिष्ठ सलाहकार ने जमीन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के पास संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं होने पर आयोग की ओर से नाराजगी जताई गई। आयोग ने मामले में प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने के संकेत दिए हैं।
Tamia Land Fraud Case में दिल्ली में देना होगा अधिकारियों को जवाब
जमीन फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों को अब दिल्ली में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को जमीन से जुड़े दस्तावेजों के साथ आयोग के सामने अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
इस कार्रवाई के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और संबंधित दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
Tamia Land Fraud Case पर छिंदवाड़ा जिला प्रशासन को नोटिस
आयोग की ओर से मामले को लेकर छिंदवाड़ा जिला प्रशासन और चीफ सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में संबंधित दस्तावेजों के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग की कार्रवाई के बाद अब अधिकारियों को जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
Tamia Land Fraud Case में आगे क्या होगा?
चौरापाठर जमीन फर्जीवाड़े के मामले में आयोग की ओर से दस्तावेजों के साथ जवाब मांगे जाने के बाद अब प्रशासनिक रिपोर्ट पर नजर रहेगी। पीड़ित परिवारों की शिकायत, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और प्रशासन की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।
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