रिपोर्टर -आगस्टीन हेम्बरम
Dumka Cultural Revival जिले के पांजबोना गांव में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से नई पहल शुरू की गई है। समाजसेवी सच्चीदानंद सोरेन मरांग बुरु की पहल पर ग्रामीणों ने साप्ताहिक मांझी थान पूजा की शुरुआत की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पहल के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक पुनर्जागरण को बढ़ावा मिलेगा।
मरांग बुरु के प्रति श्रद्धा के साथ सामुदायिक एकता पर जोर
Dumka Cultural Revival साप्ताहिक मांझी थान पूजा संताल आदिवासी समाज के आराध्य देव मरांग बुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सामुदायिक एकता को मजबूत करना, आध्यात्मिक शांति स्थापित करना और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

यह पहल खास तौर पर बच्चों और युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ने के लिए की गई है, ताकि वे अपने रीति-रिवाजों को समझें, उनका सम्मान करें और अपनी संस्कृति पर गर्व महसूस करें।
बच्चों को नशे से दूर रहने और शिक्षा का दिया संदेश
Dumka Cultural Revival पूजा के दौरान बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरित करने के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इसमें नशे से दूर रहने, नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करने का संदेश दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, साप्ताहिक मांझी थान पूजा से गांव और परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और भाईचारा बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही धर्म, संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण से संताल समाज को धार्मिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण हो सकती है।
महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों ने की सामूहिक पूजा
Dumka Cultural Revival इस अवसर पर गांव की महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सामूहिक रूप से मांझी थान में एकत्र हुए। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार धूप, अगरबत्ती, जल, लड्डू, गुड़, चूड़ा और पानी आदि अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने दान भी किया।
ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अब प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक मांझी थान पूजा आयोजित की जाएगी। पूजा संपन्न होने के बाद सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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