Trump Tariff: रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर सख्त आर्थिक कार्रवाई की दिशा में अमेरिका एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अमेरिकी सीनेट में रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम विधेयक पर वोटिंग होनी है। इस वोटिंग से पहले कुछ अमेरिकी सांसदों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो राष्ट्रपति को भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है। हालांकि, यह टैरिफ स्वतः लागू नहीं होगा और अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर करेगा।
Trump Tariff: अमेरिकी सीनेट में रूस प्रतिबंध विधेयक पर होगी वोटिंग
अमेरिकी सीनेट रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से एक नए प्रतिबंध विधेयक पर विचार कर रही है। इस विधेयक का मकसद उन देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बनाना है जो रूस से बड़े पैमाने पर तेल और गैस का आयात जारी रखे हुए हैं।
वोटिंग से पहले कई अमेरिकी सांसदों ने कहा कि भारत और चीन रूस के सबसे बड़े ऊर्जा खरीदारों में शामिल हैं। उनका आरोप है कि रूसी ऊर्जा खरीद से रूस को आर्थिक मजबूती मिल रही है, जिसका असर यूक्रेन युद्ध पर पड़ रहा है।
भारत और चीन को लेकर अमेरिकी सांसदों की टिप्पणी
वोटिंग से पहले कुछ अमेरिकी सांसदों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि प्रस्तावित कानून का सबसे अधिक असर भारत और चीन पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि दोनों देश रूस से बड़े स्तर पर तेल और गैस खरीद रहे हैं, इसलिए प्रतिबंधों का दायरा इन्हें भी प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, यह सांसदों के बयान हैं। अंतिम कानून का स्वरूप और उसके प्रावधान विधेयक के पारित होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Trump Tariff: सहयोगी देशों को राहत मिलने पर उठे सवाल
इस प्रस्तावित विधेयक को लेकर यह भी चर्चा है कि अमेरिका के कुछ सहयोगी देशों को इससे छूट मिल सकती है। आलोचकों का कहना है कि यदि ऐसा होता है तो यूरोपीय देशों के लिए अलग व्यवस्था और भारत-चीन जैसे देशों के लिए अलग नियम दोहरे मानदंड की स्थिति पैदा कर सकते हैं।
इसी मुद्दे को लेकर अमेरिकी नीति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
Trump Tariff: भारत के लिए क्यों बढ़ सकती है चुनौती?
भारत पिछले कुछ वर्षों में रूस से कच्चे तेल का प्रमुख खरीदार बनकर उभरा है। यूक्रेन युद्ध के बाद रियायती दरों पर रूसी तेल की खरीद में बढ़ोतरी हुई, जिससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। इसके अलावा रूस के साथ ऊर्जा सहयोग को और बढ़ाने की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है।
यदि भविष्य में अमेरिका इस प्रस्तावित अधिकार का उपयोग करते हुए अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो भारत के लिए रूस के साथ ऊर्जा व्यापार अधिक जटिल हो सकता है।
Trump Tariff: क्या भारत पर तुरंत लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ?
फिलहाल भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ स्वतः लागू नहीं होने जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रस्तावित विधेयक केवल अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार देगा कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सके।
इसका अर्थ यह है कि कानून बनने के बाद भी टैरिफ लागू करना या न करना पूरी तरह अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्णय पर निर्भर करेगा। साथ ही वे भविष्य में इन शुल्कों को कम या समाप्त भी कर सकते हैं।
Trump Tariff: कानून बनने से पहले कई चरण बाकी
प्रस्तावित विधेयक पर सबसे पहले अमेरिकी सीनेट में मतदान होगा। यदि इसे वहां मंजूरी मिलती है, तो इसके बाद इसे प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) से भी पारित कराना होगा।
दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद ही यह विधेयक राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर ही यह कानून का रूप ले सकेगा।
Trump Tariff: भारत-अमेरिका और रूस के साथ व्यापार पर क्या पड़ सकता है असर?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। रूस से मिलने वाला अपेक्षाकृत सस्ता तेल भारतीय रिफाइनिंग सेक्टर और घरेलू ईंधन आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ लागू किए जाते हैं, तो भारत के लिए ऊर्जा आयात, व्यापारिक रणनीति और कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। साथ ही भारत-अमेरिका और भारत-रूस के आर्थिक संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
Trump Tariff: विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इस प्रस्तावित विधेयक को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अभी यह विधेयक कानून बनने की प्रक्रिया में है और इसके कई चरण शेष हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक तेल बाजार की स्थिति और अमेरिका की भविष्य की व्यापार नीति इस बात को तय करेगी कि आगे इस प्रस्ताव का वास्तविक प्रभाव कितना पड़ता है।
read also: UNSC में भारत की दो टूक, होर्मुज में जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की मांग



