PoK: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों ने नया मोड़ ले लिया है। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं। इस बीच प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में पिछले दो दिनों के दौरान कई लोगों की मौत हुई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
PoK: जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने कई लोगों की मौत का किया दावा
JAAC के अनुसार, सोमवार और मंगलवार के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कुल 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। संगठन का कहना है कि सोमवार को 25 लोगों की जान गई, जबकि मंगलवार को 5 और लोगों की मौत हुई।
इन दावों पर पाकिस्तान सरकार या स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
PoK: सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो, भारत से मदद की अपील का दावा
सोशल मीडिया पर PoK से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में कुछ लोग पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों पर कार्रवाई के आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं और भारत से मदद की अपील करते नजर आ रहे हैं।
A Kashmiri woman in Pakistan-occupied Kashmir is pleading for help from the Indian Army. pic.twitter.com/pg0F1EORGu
— Shalinder Wangu (@Wangu_News18) July 29, 2026
एक वायरल वीडियो में एक महिला यह दावा करती दिखाई देती है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोग मारे गए हैं। हालांकि, इन वीडियो की प्रामाणिकता और इनमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
PoK: प्रदर्शन में पूर्व सैन्यकर्मियों के शामिल होने का दावा
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि विरोध प्रदर्शनों में पाकिस्तान के पूर्व सैन्यकर्मी भी शामिल हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान कुछ सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों और जवानों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
हालांकि, इन दावों की भी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।
PoK: रिटायर्ड SSG कमांडो के घायल होने का दावा
कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान सेना के पूर्व SSG कमांडो फारूक सुधन प्रदर्शन के दौरान घायल हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे अस्पताल में उपचाराधीन दिखाई दे रहे हैं।
यह भी दावा किया गया है कि फारूक सुधन का नाम अतीत में आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने के आरोपों से जुड़ा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो और इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
PoK: शवों को गायब करने के आरोप भी लगाए गए
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बल कार्रवाई में मारे गए लोगों के शवों को कथित तौर पर परिजनों को नहीं सौंप रहे हैं। संगठन ने इस संबंध में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इन आरोपों पर पाकिस्तान सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
PoK: आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर कई दावे और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। हालांकि, घटनाओं से जुड़ी कई जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
ऐसे में स्थिति को लेकर आधिकारिक बयान और विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
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