Ukraine: यूक्रेन के पास ड्रोन हमले का शिकार हुए एक कार्गो जहाज पर सवार भारतीय नाविकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और उनके बारे में सही जानकारी जुटाने के लिए सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं। अदालत ने यूक्रेन और रोमानिया स्थित भारतीय दूतावासों को भी सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया।
Ukraine: भारतीय दूतावासों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि घटना को लेकर अलग-अलग तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं। ऐसे में यूक्रेन और रोमानिया में स्थित भारतीय दूतावासों को तुरंत संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर भारतीय नाविकों की स्थिति की सटीक जानकारी जुटानी चाहिए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि भारतीय मिशन राजनयिक माध्यमों का उपयोग करते हुए सभी संभावित प्रयास करें, ताकि प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति स्पष्ट हो सके और यदि आवश्यकता हो तो उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
Ukraine: विदेश मंत्रालय को राजनयिक स्तर पर पहल करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) को भी निर्देश दिया कि वह अपने सभी राजनयिक चैनलों का इस्तेमाल कर मामले की निगरानी करे और संबंधित देशों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर भारतीय नाविकों का पता लगाए। अदालत ने उम्मीद जताई कि मंत्रालय इस मामले में तेजी से कार्रवाई करेगा और आवश्यक जानकारी एकत्र करेगा।
जहाज पर चार भारतीय नाविक थे सवार
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार ड्रोन हमले का शिकार हुए कार्गो जहाज पर कुल नौ सदस्यीय चालक दल मौजूद था, जिसमें चार भारतीय समुद्री कर्मचारी भी शामिल थे। हालांकि उनकी स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि चारों भारतीय नाविकों की डूबने से मृत्यु हो गई, जबकि अन्य रिपोर्टों के अनुसार दो भारतीयों को घटनास्थल से सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं दो अन्य नाविक आग से बचने के लिए समुद्र में कूद गए थे और उनके रोमानियाई कोस्ट गार्ड की निगरानी में सुरक्षित होने की जानकारी भी सामने आई है। इन विरोधाभासी सूचनाओं के कारण आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
Ukraine: केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि रोमानिया और यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास तथा विदेश मंत्रालय के पास इस घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में आवश्यक निर्देश प्राप्त करेगी और उपलब्ध जानकारी से जल्द ही अदालत को अवगत कराया जाएगा।
Ukraine: अलग-अलग रिपोर्टों के बीच स्थिति स्पष्ट करने पर जोर
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल घटना से जुड़ी सूचनाएं एक-दूसरे से अलग हैं, इसलिए आधिकारिक स्तर पर तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिजनों तक सही जानकारी पहुंचाना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
Ukraine: भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर केंद्रित हुई कार्रवाई
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद विदेश मंत्रालय, यूक्रेन और रोमानिया स्थित भारतीय दूतावासों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि भारतीय नाविकों की वास्तविक स्थिति क्या है और उन्हें सुरक्षित वापस लाने या आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।



