India-Uzbekistan: भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने की दिशा में सोमवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओडिलोविच और उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। विदेश मंत्री ने विश्वास जताया कि यह बैठक दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
India-Uzbekistan: भारत ने उज्बेकिस्तान को बताया विस्तारित पड़ोस का महत्वपूर्ण साझेदार
बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान को अपने विस्तारित पड़ोस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों से लोगों, विचारों और व्यापार का आदान-प्रदान होता रहा है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों ने दोनों देशों की मित्रता को गहरी मजबूती दी है, जो आज भी आधुनिक दौर में लगातार आगे बढ़ रही है।
India-Uzbekistan: राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर लगातार बढ़ रहा सहयोग
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद लगातार जारी है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित संपर्क बना हुआ है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के बीच भी मजबूत विश्वास और सम्मान का रिश्ता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दोनों देशों के सहयोग पर दिखाई देता है।
India-Uzbekistan: व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा और डिजिटल तकनीक में बढ़ेगा सहयोग
एस. जयशंकर ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों का दायरा काफी विस्तृत हुआ है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच निर्माण, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। इसके साथ ही खनन क्षेत्र में भी नई संभावनाओं पर काम करने की योजना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच लगभग एक अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है और इसे आने वाले समय में और अधिक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
India-Uzbekistan: भारत-उज्बेकिस्तान संसदीय मैत्री समूह का हुआ गठन
बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने भारत-उज्बेकिस्तान संसदीय मैत्री समूह के गठन की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सांसदों के बीच नियमित संवाद से लोकतांत्रिक सहयोग और आपसी समझ को और मजबूती मिलेगी। यह पहल भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने में सहायक साबित हो सकती है।
India-Uzbekistan: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों की सोच में समानता
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर समान दृष्टिकोण रखते हैं। विशेष रूप से आतंकवाद, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर दोनों देशों की नीति एक जैसी है। उन्होंने बताया कि दोनों देश विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करते हैं, जिनमें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) भी प्रमुख है।
India-Uzbekistan: आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों की नीति पर दिया जोर
एस. जयशंकर ने उज्बेकिस्तान सरकार और वहां की जनता की आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और मजबूत नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने हर प्रकार के आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता का दृष्टिकोण अपनाया है। सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने पर भी दोनों पक्षों ने सहमति जताई।
India-Uzbekistan: ब्रिक्स और गुटनिरपेक्ष आंदोलन में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
विदेश मंत्री ने कहा कि इस वर्ष भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और उन्होंने ब्रिक्स की विभिन्न पहलों में साझेदार देश के रूप में उज्बेकिस्तान के सहयोग की सराहना की। साथ ही उन्होंने वर्ष 2027 से 2029 तक गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) की अध्यक्षता के लिए उज्बेकिस्तान को भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया।
India-Uzbekistan: भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मिलेगी नई दिशा
नई दिल्ली में हुई यह बैठक केवल औपचारिक कूटनीतिक वार्ता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है। व्यापार, निवेश, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समन्वय बढ़ाने की दिशा में दोनों देशों की प्रतिबद्धता भविष्य में भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को और मजबूत बना सकती है।
read also: Weather Update: 19 राज्यों में आज भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने 4 राज्यों के लिए जारी किया रेड अलर्ट



