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थाईलैंड ने कंबोडिया पर किया हवाई हमला, दो महीने पहले हुआ सीजफायर टूटा

थाईलैंड ने कंबोडिया पर किया हवाई हमला, दो महीने पहले हुआ सीजफायर टूटा

सीजफायर के दो महीने बाद भड़की जंग, एक सैनिक की मौत, कई घायल

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। रिपोर्ट के मुताबिक थाईलैंड ने सोमवार सुबह कंबोडिया के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। थाईलैंड का कहना है कि उसने सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। थाईलैंड के अनुसार कंबोडिया सीमा पर भारी हथियार जमा कर रहा था और सेना की तैनाती बढ़ाई जा रही थी, इसी कारण यह कार्रवाई की गई।

दोनों सेनाओं की गोलीबारी में अब तक थाईलैंड का एक सैनिक मारा गया है और आठ सैनिक घायल हुए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब कुछ महीने पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच शांति समझौता हुआ था। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच पांच दिन तक संघर्ष चला था, जिसमें 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

कंबोडिया का आरोप – थाई सेना कर रही उकसावे वाली कार्रवाई

कंबोडिया ने थाईलैंड के आरोपों को झूठा बताया है। कंबोडिया का कहना है कि उसने कोई हमला नहीं किया और वह सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहता है। वहीं, थाई सेना पर उकसावे वाली कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है। इस संघर्ष के चलते सीमा के पास रहने वाले थाईलैंड के कई लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। सरकार के मुताबिक लगभग 70 प्रतिशत नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

एक नागरिक की मौत की भी पुष्टि हुई है, हालांकि सरकार का कहना है कि मौत बीमारी की वजह से हुई है। तीन नागरिक थाई फायरिंग में घायल हुए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है।

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प्राचीन मंदिर बना विवाद की जड़

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच प्रीह विहियर और ता मुएन थॉम जैसे प्राचीन मंदिरों को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। 28 मई को एमरॉल्ड ट्राइंगल क्षेत्र में दोनों सेनाओं के बीच भिड़ंत हुई थी, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हुई थी।

प्रीह विहियर मंदिर को लेकर यह मामला 1959 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय पहुंचा था। 1962 में अदालत ने फैसला दिया कि यह मंदिर कंबोडिया का है। साल 2008 में यूनेस्को द्वारा इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया था। 2013 में अदालत ने मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को भी कंबोडिया का हिस्सा माना था, लेकिन सीमा विवाद अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।