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7.3 तीव्रता के भूकंप से हिली फिलीपींस की धरती

7.6 तीव्रता के भूकंप से हिली फिलीपींस की धरती

BY: MOHIT JAIN

दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह 7.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने तबाही मचा दी। स्थानीय समय के अनुसार सुबह के वक्त आए इस भूकंप से जमीन इतनी जोर से हिली कि लोग अपनी जान बचाने के लिए सड़कों पर निकल आए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे (USGS) और नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 50 किलोमीटर नीचे था। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि घर, दुकानें और अस्पतालों की इमारतें पेड़ों की तरह हिलती हुई नजर आईं।

प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि भूकंप के केंद्र से करीब 300 किलोमीटर के दायरे में समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। हालांकि, फिलहाल किसी बड़े सुनामी खतरे की पुष्टि नहीं हुई है।

लोगों में दहशत, अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल

भूकंप के तुरंत बाद पूरे मिंडानाओ क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि दुकानों में रखा सामान नीचे गिर गया, मछलियों के एक्वेरियम से पानी छलक गया और लोग घबराकर चिल्लाने लगे। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ।

अस्पतालों के बाहर का मंजर बेहद खौफनाक था। झटके महसूस होते ही मरीजों, डॉक्टरों और स्टाफ ने इमारत खाली कर दी। खुले मैदानों में लोगों की भीड़ जमा हो गई। अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बचाव दल प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिए गए हैं।

सितंबर के बाद दूसरी बड़ी आपदा

फिलीपींस में यह इस साल का दूसरा बड़ा भूकंप है। इससे पहले सितंबर 2025 में सेबू द्वीप पर आए 6.9 तीव्रता के भूकंप में 72 लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलीपींस ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां आम बात हैं।

कहां स्थित है फिलीपींस?

फिलीपींस दक्षिण पूर्व एशिया का एक द्वीपसमूह देश है, जो प्रशांत महासागर में इंडोनेशिया के उत्तर और वियतनाम के पूर्व में बसा है। यह करीब 7,641 द्वीपों से मिलकर बना है, जिनमें लूजोन, मिंडानाओ और विसायास प्रमुख हैं। राजधानी मनीला है।

यह इलाका भूगर्भीय दृष्टि से बेहद सक्रिय माना जाता है और यहां आए दिन छोटे-बड़े भूकंप दर्ज किए जाते हैं। वैज्ञानिकों ने नागरिकों से सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटकों) के लिए तैयार रहने की अपील की है।