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ओवैसी का तीखा हमला: ईरान पर अमेरिकी हमले को बताया गैरकानूनी, पाकिस्तान पर कसा तंज

BY: Yoganand Shrivastva

हैदराबाद, एआईएमआईएम प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का उल्लंघन करार दिया। साथ ही, ओवैसी ने पाकिस्तान पर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की और उसकी विदेश नीति पर सवाल उठाए।


ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई को बताया असंवैधानिक

ओवैसी ने कहा कि अमेरिका का यह हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है, बल्कि अमेरिकी संविधान के भी विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के संविधान के अनुसार, कांग्रेस की अनुमति के बिना युद्ध नहीं छेड़ा जा सकता, लेकिन इस हमले में ऐसा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, “ईरान के खिलाफ की गई बमबारी न केवल संयुक्त राष्ट्र चार्टर और NPT का उल्लंघन है, बल्कि यह खुद अमेरिका के संवैधानिक ढांचे का भी अपमान है।” ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान में परमाणु हथियारों की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं है, फिर भी हमला किया गया।


इजरायल पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में ओवैसी ने इजरायल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इजरायल के पास 700 से अधिक परमाणु हथियार हैं, फिर भी उसने अब तक NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। ओवैसी ने सवाल उठाया कि आखिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर चुप क्यों है?

उन्होंने कहा, “IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के निरीक्षकों को इजरायल की परमाणु सुविधाओं तक पहुंच नहीं है। दूसरी ओर, ईरान पर लगातार निगरानी और दबाव बनाया जा रहा है। यह दोहरा मापदंड नहीं तो और क्या है?”


पाकिस्तान पर व्यंग्य, ट्रंप पर टिप्पणी

ओवैसी ने पाकिस्तान की भूमिका पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या पाकिस्तान डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिलवाना चाहता है? उन्होंने कहा, “हमें पाकिस्तानियों से पूछना चाहिए कि क्या वे अमेरिका के ईरान पर हमले के लिए ट्रंप को नोबेल दिलाने के पक्ष में हैं?”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या पाकिस्तान के जनरल (असीम मुनीर) ने इसके लिए ट्रंप के साथ लंच किया था?” ओवैसी के अनुसार, पाकिस्तान की यह नीति अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।


मध्य पूर्व में युद्ध का असर भारत पर भी होगा: ओवैसी

ओवैसी ने खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में 1.6 करोड़ से अधिक भारतीय रहते हैं, और यदि इस क्षेत्र में युद्ध होता है, तो इसका सीधा असर भारतीयों की सुरक्षा और भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, “भारत की कई कंपनियों ने अरब देशों में भारी निवेश कर रखा है और देश में आने वाला बड़ा विदेशी निवेश भी यहीं से आता है। युद्ध की स्थिति में यह सब खतरे में पड़ जाएगा।”

हैदराबाद, 22 जून 2025 — एआईएमआईएम प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का उल्लंघन करार दिया। साथ ही, ओवैसी ने पाकिस्तान पर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की और उसकी विदेश नीति पर सवाल उठाए।


ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई को बताया असंवैधानिक

ओवैसी ने कहा कि अमेरिका का यह हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है, बल्कि अमेरिकी संविधान के भी विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के संविधान के अनुसार, कांग्रेस की अनुमति के बिना युद्ध नहीं छेड़ा जा सकता, लेकिन इस हमले में ऐसा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, “ईरान के खिलाफ की गई बमबारी न केवल संयुक्त राष्ट्र चार्टर और NPT का उल्लंघन है, बल्कि यह खुद अमेरिका के संवैधानिक ढांचे का भी अपमान है।” ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान में परमाणु हथियारों की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं है, फिर भी हमला किया गया।


इजरायल पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में ओवैसी ने इजरायल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इजरायल के पास 700 से अधिक परमाणु हथियार हैं, फिर भी उसने अब तक NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। ओवैसी ने सवाल उठाया कि आखिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर चुप क्यों है?

उन्होंने कहा, “IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के निरीक्षकों को इजरायल की परमाणु सुविधाओं तक पहुंच नहीं है। दूसरी ओर, ईरान पर लगातार निगरानी और दबाव बनाया जा रहा है। यह दोहरा मापदंड नहीं तो और क्या है?”


पाकिस्तान पर व्यंग्य, ट्रंप पर टिप्पणी

ओवैसी ने पाकिस्तान की भूमिका पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या पाकिस्तान डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिलवाना चाहता है? उन्होंने कहा, “हमें पाकिस्तानियों से पूछना चाहिए कि क्या वे अमेरिका के ईरान पर हमले के लिए ट्रंप को नोबेल दिलाने के पक्ष में हैं?”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या पाकिस्तान के जनरल (असीम मुनीर) ने इसके लिए ट्रंप के साथ लंच किया था?” ओवैसी के अनुसार, पाकिस्तान की यह नीति अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।


मध्य पूर्व में युद्ध का असर भारत पर भी होगा: ओवैसी

ओवैसी ने खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में 1.6 करोड़ से अधिक भारतीय रहते हैं, और यदि इस क्षेत्र में युद्ध होता है, तो इसका सीधा असर भारतीयों की सुरक्षा और भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, “भारत की कई कंपनियों ने अरब देशों में भारी निवेश कर रखा है और देश में आने वाला बड़ा विदेशी निवेश भी यहीं से आता है। युद्ध की स्थिति में यह सब खतरे में पड़ जाएगा।”

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