,

Nepal ने भारत के सामने उठाया सीमा विवाद का मुद्दा, बांध तोड़े जाने का लगाया आरोप

https://swadeshlive.com/nepal-india-border-dispute-susta-embankment-row/

Nepal: भारत और नेपाल के बीच एक बार फिर सीमा से जुड़ा विवाद चर्चा में है। दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास ने भारत सरकार के समक्ष सुस्ता क्षेत्र में हुई एक कथित घटना को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। नेपाल का आरोप है कि भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने नवलपरासी पश्चिम जिले के सुस्ता क्षेत्र में नेपाली सीमा के भीतर प्रवेश कर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए अस्थायी मिट्टी के तटबंध को नुकसान पहुंचाया। इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर नई बहस शुरू हो गई है।

Nepal: नेपाल ने भारत के समक्ष दर्ज कराया विरोध

नेपाली दूतावास ने इस मामले को भारत के विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाते हुए कहा कि स्थानीय लोगों ने बाढ़ के खतरे से बचने के लिए अस्थायी मिट्टी का बांध बनाया था। नेपाल के अनुसार, इस संरचना को हटाए जाने से स्थानीय लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। नेपाली अधिकारियों ने इस घटनाक्रम पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और मामले के समाधान की अपेक्षा जताई है।

Nepal: नेपाली विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

नेपाल के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सुरक्षाकर्मियों द्वारा अपनाए गए तरीके पर आपत्ति जताई गई है। उनका कहना है कि यह तटबंध बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए ग्रामीणों का अस्थायी प्रयास था। नेपाल ने भारत से इस तरह की घटनाओं से बचने और सीमा पर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

Nepal: स्थानीय लोगों का दावा क्या है?

नेपाली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि कुछ भारतीय सुरक्षाकर्मी सादे कपड़ों में फावड़े लेकर नेपाली क्षेत्र में पहुंचे और मिट्टी के तटबंध को हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बाद में नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और भारत की सीमा सुरक्षा बल (SSB) के बीच समन्वय के बाद हालात सामान्य होने की बात कही गई।

Nepal: भारत और नेपाल के बीच सुस्ता क्षेत्र क्यों है संवेदनशील?

सुस्ता और कालापानी लंबे समय से भारत और नेपाल के बीच विवादित सीमा क्षेत्रों में शामिल रहे हैं। दोनों देश इन इलाकों पर अपना-अपना दावा करते हैं। वर्ष 2014 में दोनों देशों ने सहमति बनाई थी कि सीमा विवादों का समाधान विदेश सचिव स्तर की वार्ता और बाउंड्री वर्किंग ग्रुप के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि, लंबे समय से इस विषय पर उच्चस्तरीय बैठक नहीं हो सकी है।

Nepal: भारतीय पक्ष को लेकर नेपाल का क्या दावा है?

नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय पक्ष का कहना है कि सुस्ता का संबंधित इलाका विवादित क्षेत्र की श्रेणी में आता है और दोनों देशों के बीच यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति है। नेपाल का यह भी दावा है कि कुछ महीने पहले इसी क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रस्तावित स्थायी तटबंध के निर्माण पर भी आपत्ति जताई गई थी।

Nepal: नारायणी नदी और सीमा विवाद का क्या संबंध है?

नेपाल का कहना है कि नारायणी नदी के लगातार बदलते प्रवाह के कारण सीमा निर्धारण से जुड़ी जटिलताएं बढ़ी हैं। वर्ष 1988 में दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी थी कि नारायणी नदी को निर्धारित सीमा सिद्धांत के आधार पर माना जाएगा। लेकिन नदी की धारा में समय-समय पर हुए बदलावों ने जमीन और सीमा से जुड़े विवादों को और जटिल बना दिया है।

Nepal: बाढ़ से बचाव के लिए बनाया गया था अस्थायी तटबंध

स्थानीय प्रशासन और समुदाय के अनुसार, सुस्ता क्षेत्र में नदी के कटाव और बाढ़ का खतरा लगातार बना रहता है। इसी वजह से ग्रामीणों ने अस्थायी मिट्टी का तटबंध तैयार किया था ताकि बारिश के दौरान पानी को आबादी वाले इलाकों में प्रवेश करने से रोका जा सके। नेपाल का कहना है कि विवादित हिस्से को छोड़कर बाकी स्थानों पर तटबंध का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

Nepal: स्थानीय लोगों की चिंता क्या है?

ग्रामीणों का कहना है कि जिस हिस्से में सुरक्षा तटबंध नहीं बन पाया है, वहीं से हर वर्ष बाढ़ का पानी गांवों और कृषि भूमि में प्रवेश करता है। उनका मानना है कि यदि इस क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई गई तो मानसून के दौरान नुकसान बढ़ सकता है। स्थानीय संगठनों ने नदी के बदलते प्रवाह को भी इस समस्या की प्रमुख वजह बताया है।

Nepal: क्या बढ़ सकता है कूटनीतिक संवाद?

नेपाल द्वारा दिल्ली में औपचारिक रूप से मामला उठाए जाने के बाद अब दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर बातचीत की संभावना बढ़ गई है। सीमा से जुड़े मामलों को संवेदनशील मानते हुए दोनों देशों की ओर से संयम और संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की वार्ता महत्वपूर्ण रहेगी।

read also: Ukraine के पास ड्रोन हमले का शिकार कार्गो जहाज, भारतीय नाविकों की तलाश के लिए सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को दिए निर्देश

CG: Top 10

CG: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें 1. बिलासपुर में जलती चिता से…

MP: Top 10

MP: मध्य प्रदेश की 10 बड़ी खबरें 1. भोपाल में आज 'लोकतंत्र…

Chanakya Neeti: रिश्तेदारों से भूलकर भी साझा न करें ये 11 बातें, निजी जानकारी बाहर आने पर हो सकता है नुकसान

Chanakya Neeti: आचार्य चाणक्य को भारतीय इतिहास के महान विद्वानों, अर्थशास्त्रियों और…

Jamtara Cyber Crime: जामताड़ा में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार

संवाददाता: रतन कुमार Jamtara Cyber Crime जामताड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ…

Kolhan Contractors Association: कोल्हान कॉन्ट्रैक्टर्स संघ ने परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ से की मुलाकात, निर्माण कार्यों की समस्याएं उठाईं

रिपोर्ट: प्रेम श्रीवास्तव Kolhan Contractors Association कोल्हान कॉन्ट्रैक्टर्स संघ के प्रतिनिधिमंडल ने…

Yogi Adityanath: अयोध्या में जलने वाला एक-एक दीप पूरे यूपी की समृद्धि और विकास का प्रतीक : सीएम योगी

Yogi Adityanath मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में प्रज्ज्वलित होने…

चिरंजीवी और Ram Charan ने अमित शाह से की मुलाकात, AI और डीपफेक के बढ़ते खतरे पर हुई चर्चा

Ram Charan: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार चिरंजीवी और उनके बेटे अभिनेता राम…