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MP news: मध्यप्रदेश में मौसम का पहला घना कोहरा, कई जिलों में दृश्यता बेहद कम, 14 जिलों में चेतावनी जारी

BY: Yoganand Shrivastva

MP news: मध्यप्रदेश में सोमवार की सुबह ठंड और घने कोहरे के साथ शुरू हुई। यह इस मौसम की पहली सुबह रही, जब प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। सबसे अधिक असर रीवा जिले में देखा गया, जहाँ सुबह के समय कुछ स्थानों पर 50 मीटर से आगे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसी तरह मुरैना और रायसेन में भी दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। कोहरे के कारण सुबह के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोगों को हेडलाइट जलाकर धीरे-धीरे वाहन चलाने पड़े।

राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में कोहरे का असर

राजधानी भोपाल में दृश्यता 500 से 1000 मीटर के बीच रही। कई इलाकों में हालात ऐसे रहे कि सुबह 11 बजे तक भी दूर की वस्तुएं स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रही थीं।

मौसम विभाग के अनुसार,

  • खजुराहो (छतरपुर) में दृश्यता 50 से 200 मीटर रही
  • ग्वालियर, दतिया और सीधी में 500 से 1000 मीटर
  • इंदौर, नर्मदापुरम, सागर, रतलाम, दमोह और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक दृश्यता दर्ज की गई

इसके अलावा अशोकनगर, पचमढ़ी, टीकमगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर और देवास में भी सुबह कोहरे का असर देखा गया।

तापमान में गिरावट, पचमढ़ी और राजगढ़ सबसे ठंडे

कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के प्रमुख शहरों में

  • भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री
  • इंदौर में 6.6 डिग्री
  • ग्वालियर में 9.1 डिग्री
  • उज्जैन में 9.3 डिग्री
  • जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहाँ तापमान 5.4 डिग्री तक पहुंच गया।

14 जिलों में कोहरे की चेतावनी

मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 14 जिलों में सुबह के समय घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर वाहन चालकों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।हालांकि राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों तक शीतलहर चलने की संभावना नहीं जताई गई है।

17 दिसंबर से बदलेगा मौसम, बढ़ेगी ठंड

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 17 दिसंबर की रात से एक नया पश्चिमी मौसमी तंत्र सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों के भीतर दिखाई देगा, जिससे ठंड में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।

ऊँचाई पर बह रही तेज हवाएँ बनीं ठंड की वजह

इस समय उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जमीन से करीब 12 किलोमीटर की ऊँचाई पर तेज गति से हवाएँ चल रही हैं। इन हवाओं की रफ्तार 170 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक बताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी और बर्फीली हवाओं के साथ जब ऊँचाई पर तेज हवाएँ सक्रिय हो जाती हैं, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है। इस बार प्रदेश में ठंड बढ़ने का यही प्रमुख कारण माना जा रहा है।