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Medical Store Strike 2026: आज देशभर में बंद रहेंगी मेडिकल दुकानें, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आंदोलन

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Medical Store Strike 2026: ऑल इंडिया ड्रग डीलर्स एसोसिएशन (AIOCD) ने 20 मई 2026 को देशभर में दवा विक्रेताओं के बंद का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों की कथित अनुचित प्रतिस्पर्धा के खिलाफ यह आंदोलन किया जा रहा है। एआईओसीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Jagannath S. Shinde ने कहा कि लंबे समय से सरकार को मांगों से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

Medical Store Strike 2026: ऑनलाइन दवा बिक्री पर उठाए सवाल

संगठन का कहना है कि देश में दवा कारोबार औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और उसके नियम 1945 के तहत संचालित होता है, लेकिन ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर अब तक स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं बनाई गई है। एआईओसीडी का आरोप है कि वर्ष 2018 में जारी जीएसआर 817(ई) अधिसूचना को अब तक पूर्ण कानूनी रूप नहीं दिया गया, बावजूद इसके ऑनलाइन दवा बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है।

संगठन के अनुसार, इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी और अदालत ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने संबंधी निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया है। एआईओसीडी ने केंद्र सरकार से जीएसआर 817(ई) अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।

Medical Store Strike 2026: छोटे दवा कारोबारियों पर बढ़ा दबाव

एआईओसीडी का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान 26 मार्च 2020 को जारी जीएसआर 220(ई) अधिसूचना के माध्यम से दवाओं की होम डिलीवरी को अस्थायी राहत दी गई थी। हालांकि महामारी खत्म हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन यह व्यवस्था अब भी जारी है।

संगठन का आरोप है कि ऑनलाइन कंपनियां इस छूट का फायदा उठाकर भारी डिस्काउंट के साथ दवा बिक्री कर रही हैं, जिससे छोटे और पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का कारोबार प्रभावित हो रहा है। देशभर के लाखों दवा विक्रेताओं को इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

Medical Store Strike 2026: दवा कारोबार में असमान प्रतिस्पर्धा का आरोप

एआईओसीडी अध्यक्ष जगन्नाथ शिंदे का कहना है कि औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (DPCO) 2013 के तहत आवश्यक दवाओं पर सीमित लाभ की व्यवस्था लागू है। इसके बावजूद ऑनलाइन और बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां 20 से 50 प्रतिशत तक छूट देकर बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि इससे देशभर के करीब 12.50 लाख दवा विक्रेताओं का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। संगठन ने सरकार से डीपीसीओ के तहत लाभ सीमा पर पुनर्विचार करने और दवा विक्रेताओं को डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं के वैकल्पिक ब्रांड उपलब्ध कराने का अधिकार देने की मांग भी की है।

Medical Store Strike 2026: महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बंद की तैयारी

संगठन के राज्य संगठन सचिव Anil Nabandar ने बताया कि महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में बंद को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेता लंबे समय से अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन उन्हें सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

उनका कहना है कि सरकार की अनदेखी के कारण अब दवा विक्रेताओं में भारी नाराजगी है और यही वजह है कि देशव्यापी आंदोलन का फैसला लिया गया है।

Medical Store Strike 2026: मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

एआईओसीडी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन का कहना है कि भविष्य में आम लोगों को होने वाली किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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