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Bhanpura: उप स्वास्थ्य केंद्र की नर्सिंग ऑफिसर पर गंभीर आरोप; प्रसूता को जबरन घर भेजने से नवजात की मौत, ₹5000 रिश्वत लेने की भी शिकायत

Bhanpura

रिपोर्टर: सत्यनारायण बैरागी

Bhanpura मंदसौर जिले के ढाबला माधोसिंह स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक नर्सिंग ऑफिसर विवादों के घेरे में हैं। केथुली गांव के एक निवासी ने नर्सिंग ऑफिसर पर लापरवाही और रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) सहित वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायती आवेदन सौंपा है। परिजनों का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी के कारण उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई।

Bhanpura बेड खाली न होने का बहाना बनाकर घर भेजा

शिकायतकर्ता दिनेश बंजारा के अनुसार, उनकी पत्नी पेपाबाई बंजारा को प्रसव के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र ढाबला माधोसिंह ले जाया गया था। वहां पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर साक्षी ने डिलीवरी के मात्र 4 घंटे बाद ही उन्हें घर ले जाने को कह दिया। परिजनों का आरोप है कि नवजात बच्ची कमजोर थी और उसे विशेष चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता थी, लेकिन बेड खाली न होने का हवाला देकर उन्हें जबरन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद बच्ची की स्थिति बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।

Bhanpura नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर ₹5000 की मांग

आवेदन में दिनेश बंजारा ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नर्सिंग ऑफिसर साक्षी ने नॉर्मल डिलीवरी करवाने के नाम पर उनसे ₹5000 की रिश्वत ली। आरोप है कि अधिकारी ने स्पष्ट कहा था कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो पाएगी। गरीब परिवार ने मजबूरी में पैसे दिए, लेकिन उसके बावजूद उन्हें सही उपचार और समय नहीं मिला।

Bhanpura अधिकारियों से न्याय की गुहार

पीड़ित परिवार ने इस मामले में नर्सिंग ऑफिसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए निम्नलिखित अधिकारियों को आवेदन दिया है:

  • मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)
  • जिला चिकित्सा अधिकारी
  • एसडीएम (SDM) एवं तहसीलदार

परिजनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाया जाए।

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