आईएफएफआई गोवा में चमका मध्य प्रदेश, ‘द सितारिस्ट’ और ‘लोकमाता अहिल्याबाई’ को मिली दर्शकों की जबरदस्त सराहना

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Madhya Pradesh shines at IFFI Goa, with 'The Sitarist' and 'Lokmata Ahilyabai' receiving overwhelming audience appreciation.

REPORT- AKASH SEN

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) गोवा 2025 में मध्य प्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहर और रचनात्मक प्रतिभा से सभी का ध्यान आकर्षित किया। ‘अतुलनीय मध्य प्रदेश’ अभियान के अंतर्गत राज्य ने न केवल अपनी फिल्म-अनुकूल नीतियों को विश्व पटल पर प्रस्तुत किया, बल्कि सिनेमा के क्षेत्र में अपनी अद्वितीय दृष्टि का भी शानदार प्रदर्शन किया।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं गृह तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला के नेतृत्व में प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने IFFI में हिस्सा लिया। इस दौरान एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा निर्मित दो उल्लेखनीय फिल्मों-‘द सितारिस्ट’ और ‘लोकमाता अहिल्याबाई’-का विशेष प्रीमियर आयोजित हुआ, जिन्हें दर्शकों और फिल्म समीक्षकों से भरपूर प्रशंसा मिली।

‘द सितारिस्ट’: मध्य प्रदेश की नैसर्गिक सुंदरता और कला साधना का संगम

प्रसिद्ध सितार वादक अनुष्का शंकर द्वारा अभिनीत फिल्म ‘द सितारिस्ट’ दर्शकों को एक कला-साधक की शांत, सुकूनभरी और आंतरिक यात्रा से परिचित कराती है। फिल्म में मध्य प्रदेश की वादियों, जंगलों, झीलों, पर्वत श्रृंखलाओं और ग्रामीण परिवेश के सौंदर्य को अद्भुत सिनेमैटोग्राफी के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म कला और प्रकृति के मधुर सामंजस्य को बखूबी उभारती है।

‘लोकमाता अहिल्याबाई’: इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का रचनात्मक प्रयास

एनिमेटेड फिल्म लोकमाता अहिल्याबाई’ में राजमाता अहिल्याबाई होलकर के पराक्रम, न्यायप्रियता, करुणा और नेतृत्व क्षमता को संवेदनशील और आकर्षक शैली में दर्शाया गया है। यह फिल्म दर्शाती है कि क्यों अहिल्याबाई आज भी मध्य प्रदेश और पूरे देश की सांस्कृतिक चेतना में एक प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।

सम्मान और मध्य प्रदेश की फिल्म पहल को मिली पहचान

IFFI मंच पर ‘द सितारिस्ट’ के निर्माण के लिए अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर स्पैन कम्युनिकेशन्स के नरेश खेत्रपाल और ‘लोकमाता अहिल्याबाई’ की निर्देशक डिंपल दुगर को भी उनकी उत्कृष्ट कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मान ग्रहण करते हुए शुक्ला ने कहा कि ये फिल्में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक गहराई और संवेदनशीलता को दर्शाती हैं, और यह उपलब्धि राज्य को और अधिक गुणवत्ता-युक्त फिल्म निर्माण के लिए प्रेरित करेगी।

एमपी में शूट हुई फिल्मों की भी हुई विशेष स्क्रीनिंग

IFFI में मध्य प्रदेश के विभिन्न लोकेशनों पर शूट हुई फिल्मों-विमुक्त, चंबल, और पिंच-की भी विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इन फिल्मों ने प्रदेश की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक विविधता को विश्व मंच पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।

गोवा के इस प्रतिष्ठित मंच पर मध्य प्रदेश की रचनात्मक उपस्थिति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रदेश न केवल पर्यटन का केंद्र है, बल्कि उभरती हुई फिल्म इंडस्ट्री का भी मजबूत केंद्र बनकर तेजी से आगे बढ़ रहा है।