Report: Vandna Rawat
Lucknow : उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया एम-पैक्स (M-PACS) सदस्यता महाअभियान मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के करीब 54 लाख किसान सहकारी ढांचे से जुड़कर न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेश की नई इबारत भी लिखी जा रही है। सरकार का लक्ष्य सहकारी समितियों को सशक्त बनाकर किसानों को बिचौलियों से मुक्त करना और सीधे लाभ पहुँचाना है।
सस्ता कर्ज और उन्नत खेती: किसानों की बढ़ी आय
Lucknow योगी सरकार के इस विशेष अभियान का सबसे बड़ा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिला है। एम-पैक्स के जरिए किसानों को बहुत ही कम ब्याज दरों पर फसली ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही, समितियों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले बीज और उर्वरकों की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इससे खेती की लागत में कमी आई है और किसानों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो सीधे तौर पर उनकी आर्थिक उन्नति का आधार बन रही है।
बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार: सहकारी खातों में जमा हुए 550 करोड़
Lucknow ग्रामीण आबादी को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के प्रयास भी सफल रहे हैं। जिला सहकारी बैंकों में 2 लाख से अधिक नए खाते खोले गए हैं, जिनमें अब तक लगभग 550 करोड़ रुपये की धनराशि जमा हो चुकी है। इसके अलावा, सदस्यों की भागीदारी से 110 करोड़ रुपये की अंश पूंजी भी जुटाई गई है। इस वित्तीय प्रवाह ने गांवों में कर्ज की उपलब्धता को आसान बना दिया है, जिससे ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
डिजिटल क्रांति: क्यूआर कोड और यूपीआई से आई पारदर्शिता
Lucknow सहकारी तंत्र को आधुनिक और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए योगी सरकार ने डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। अब एम-पैक्स की सदस्यता प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और मोबाइल आधारित हो गई है। समितियों पर उर्वरक वितरण और अन्य लेन-देन के लिए क्यूआर कोड और यूपीआई (UPI) आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। इस कैशलेस व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि किसानों को लाइनों में लगने और नकद भुगतान की समस्याओं से भी निजात मिली है।
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