रिपोर्टर: आज़ाद सक्सेना
दंतेवाड़ा जिले में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे “लोन वर्राटू” (घर लौटो) अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की मेहनत और प्रशासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर दो इनामी माओवादियों समेत कुल सात नक्सलियों ने एसपी गौरव राय के सामने आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पित इनामी माओवादी
- जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी – पोमरा आरपीसी का सीएनएम सदस्य, ₹50,000 का इनामी
- दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम – पोमरा आरपीसी का सीएनएम सदस्य, ₹50,000 का इनामी
अन्य आत्मसमर्पित माओवादी
- भोजा राम माड़वी – बोदली आरपीसी जनताना सरकार सदस्य
- लखमा उर्फ सुती मरकाम – उतला आरपीसी मिलिशिया सदस्य
- रातू उर्फ ओठे कोवासी – बेचापाल आरपीसी मूलवासी बचाओ मंच सदस्य
- सुखराम पोड़ियाम – करकावाड़ा जीआरडी सदस्य
- पंडरू राम पोड़ियाम – डुंगा आरपीसी मिलिशिया सदस्य
इन माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, और सीआरपीएफ की 230वीं और 195वीं बटालियन की भूमिका अहम रही।
छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत इन सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ₹50,000 की सहायता राशि, कौशल प्रशिक्षण, और कृषि भूमि जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अब तक लोन वर्राटू अभियान के तहत 238 इनामी माओवादियों समेत 991 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभियान आगे भी माओवाद से प्रभावित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सफल रहेगा।





