कोरबा। जिले के ग्राम जारहाजेल के ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के निर्णय के खिलाफ कलेक्टरेट कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। विभाग ने जारहाजेल की प्राथमिक शाला को बरमपुर के दुरपा स्कूल में समायोजित करने का निर्णय लिया है, जिसे ग्रामीण स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
ज्ञापन सौंपकर जताई आपत्ति
ग्रामीणों ने स्कूली बच्चों के साथ कलेक्टरेट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि जारहाजेल की प्राथमिक शाला को वर्तमान स्थान पर ही संचालित किया जाए।
ग्रामीणों की दलील
- समायोजन के बाद स्कूल की दूरी 1 किलोमीटर से अधिक हो जाएगी।
- छोटे बच्चों को इतनी दूरी तय करने में दिक्कत होगी।
- इससे उनकी पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
- ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में स्कूल सुचारु रूप से चल रहा है, इसलिए इसे यथावत रहने दिया जाए।
पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समायोजन लागू हुआ, तो बच्चों की शिक्षा बाधित होगी और कई बच्चे स्कूल जाना भी बंद कर सकते हैं।
प्रशासन से अपील
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल इस निर्णय को वापस लेने और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक शाला जारहाजेल को उसके वर्तमान स्थान पर संचालित करने की मांग की है।





