संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
kidnapping story turned out to be false मुरैना में कथित अपहरण का एक सनसनीखेज मामला पुलिस जांच में पूरी तरह उलट गया। जिस युवक के अपहरण की शिकायत परिजनों ने दर्ज कराई थी, वह ऑनलाइन गेम में करीब ढाई लाख रुपये हारने के बाद खुद ही घर छोड़कर चला गया था। परिवार के सवालों और नाराजगी से बचने के लिए उसने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली।
kidnapping story turned out to be false परिजनों ने दर्ज कराई थी अपहरण की शिकायत
kidnapping story turned out to be false जानकारी के अनुसार, पवाया रोड निवासी सोनू कुशवाह के परिजनों ने 17 जुलाई को बानमोर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात कार सवार बदमाश उनके बेटे का अपहरण कर ले गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दो विशेष जांच टीमें गठित की गईं।

kidnapping story turned out to be false सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। कई बिंदुओं पर मामला संदिग्ध प्रतीत होने लगा। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि युवक को दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन क्षेत्र में देखा गया है।
kidnapping story turned out to be false दिल्ली के होटल से मिला युवक
सूचना के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और स्टेशन के आसपास कई होटलों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान चौहान रेजीडेंसी होटल में सोनू कुशवाह मिल गया। पुलिस ने उसे सुरक्षित हिरासत में लेकर मुरैना लाया।
kidnapping story turned out to be false पूछताछ में किया खुलासा
पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम में करीब ढाई लाख रुपये हार गया था। घरवालों के सवालों और संभावित डांट-फटकार से बचने के लिए उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और घर से निकल गया।
kidnapping story turned out to be false पुलिस का बयान
एएसपी सुरेंद्र पाल डाबर ने बताया कि तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को शुरू से ही मामला संदिग्ध लग रहा था। युवक को दिल्ली से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।





