कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को बीजेपी से निष्कासित विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी है। यह मामला कन्नड़ अभिनेत्री रण्या राव के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी करने से जुड़ा हुआ है।

क्या है पूरा मामला?
रण्या राव इस समय बेंगलुरु सेंट्रल जेल में हैं। उन पर 14.2 किलोग्राम सोने की तस्करी का आरोप है। यह सोना करीब 12.56 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रहे हैं।
बीजेपी से निष्कासित विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने मीडिया से बात करते हुए रण्या राव के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेत्री ने सोने की तस्करी के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। उनकी इस टिप्पणी के बाद रण्या राव के एक रिश्तेदार ने बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने विधायक यतनाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyay Sanhita) की धारा 79 के तहत एफआईआर दर्ज की।
हाईकोर्ट का फैसला
विधायक यतनाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर को रद्द करने की मांग की। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस प्रदीप सिंह येरूर की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई तक एफआईआर पर रोक लगा दी।
अदालत ने सरकारी पक्ष को इस याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।
दोनों पक्षों की दलीलें
रण्या राव के रिश्तेदार की ओर से वकील महेश वाई.एन. ने अदालत में दलील दी कि विधायक यतनाल को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि यह मामला महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने से जुड़ा है। इसलिए, विधायक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, विधायक यतनाल के वकील वेंकटेश दलवाई ने अदालत में कहा कि यह मामला केवल रण्या राव के रिश्तेदार द्वारा दर्ज कराया गया है और खुद अभिनेत्री को इस शिकायत की कोई जानकारी नहीं है।
विधायक यतनाल की प्रतिक्रिया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद विधायक यतनाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा – “सत्यमेव जयते”।
रण्या राव का मामला
रण्या राव कर्नाटक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं। उन्हें 3 मार्च को सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। इस टीम की अगुवाई एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कर रहे हैं।
निष्कर्ष
यह मामला राजनीति और अपराध से जुड़ा हुआ है। एक ओर सोने की तस्करी का बड़ा मामला है, तो दूसरी ओर महिला की गरिमा से जुड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद विधायक यतनाल को राहत जरूर मिली है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला 28 अप्रैल को ही होगा।