FSDA Karnataka: 133 दवा लाइसेंस निलंबित, 20 रद्द | जून 2025 रिपोर्ट

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प्रमुख बिंदु:

  • FSDA ने जून 2025 में 2,544 निरीक्षण किए
  • 133 दवा दुकानों के लाइसेंस निलंबित, 20 पूरी तरह रद्द
  • 41 दवाएं खराब गुणवत्ता की पाई गईं
  • ₹40 लाख से अधिक की दवाएं बाजार से जब्त
  • स्ट्रीट फूड वेंडर्स और ब्लड सेंटर्स पर भी कार्रवाई

📌 परिचय: क्यों चर्चा में है FSDA की यह कार्रवाई?

कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) ने जून 2025 में एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें प्रदेशभर की फार्मेसी और खाद्य इकाइयों की गुणवत्ता की गहन जांच की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में दवा दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबित और रद्द किए गए। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।


🔍 2,544 निरीक्षण और 133 दवा लाइसेंस निलंबित

FSDA ने जून महीने में राज्यभर में 2,544 निरीक्षण किए। जांच में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के कई उल्लंघन सामने आए। इसके चलते:

  • 133 दवा दुकानों के लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किए गए
  • 20 लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए

इनमें अधिकांश दुकानें वे थीं जो नियमों का गंभीर उल्लंघन कर रही थीं और मानक गुणवत्ता की दवाएं नहीं बेच रही थीं।


💊 खराब गुणवत्ता की 41 दवाएं और ₹40 लाख की जब्ती

बेंगलुरु, हुब्बली और बल्लारी की सरकारी प्रयोगशालाओं में 1,333 दवाओं के सैंपल की जांच की गई। इसमें:

  • 1,292 सैंपल उत्तीर्ण पाए गए
  • 41 सैंपल फेल (substandard) पाए गए

इन दवाओं को तत्काल बाजार से वापस मंगवाया गया और जब्त कर लिया गया। जब्त की गई दवाओं की कुल कीमत ₹40 लाख से अधिक बताई जा रही है।


⚖️ अप्रैल-जून: 81 कंपनियों पर कोर्ट में मुकदमे

अप्रैल से जून 2025 के बीच FSDA ने नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों के खिलाफ 81 मुकदमे अदालतों में दर्ज किए।

इस दौरान:

  • 122 ब्लड सेंटरों की जांच की गई
  • 44 सेंटरों को नोटिस जारी हुए
  • 80 सेंटरों को सुधार के निर्देश दिए गए

यह कार्रवाई मरीजों को सुरक्षित रक्त और चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के मकसद से की गई।


🍲 स्ट्रीट फूड वेंडर्स की भी जांच, मौके पर जुर्माना

FSDA ने जून महीने में 1,557 स्ट्रीट फूड वेंडर्स की जांच की। जांच में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन सामने आया:

  • 406 दुकानों को नोटिस जारी किया गया
  • मौके पर ही ₹44,500 का जुर्माना वसूला गया

विभाग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए निरंतर जारी रहेगा।


🧾 क्यों जरूरी है FSDA की यह कार्रवाई?

कर्नाटक जैसे बड़े राज्य में दवाओं और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर नजर रखना बेहद जरूरी है। घटिया दवाएं न केवल इलाज को प्रभावित करती हैं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकती हैं। वहीं, असुरक्षित स्ट्रीट फूड भी जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।


🔮 आगे की योजना: नियमित निरीक्षण और कड़ी निगरानी

FSDA का कहना है कि:

  • ऐसे निरीक्षण हर महीने जारी रहेंगे
  • जिन दुकानों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उन्हें फिर से निरीक्षण में शामिल किया जाएगा
  • जनता को भी जागरूक किया जाएगा ताकि वे केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से दवाएं खरीदें

📢 निष्कर्ष: जनता की सेहत से कोई समझौता नहीं

कर्नाटक सरकार और FSDA की यह सख्त कार्रवाई दर्शाती है कि राज्य अब स्वास्थ्य से जुड़े मानकों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतने वाला है। इस पहल से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी, बल्कि नागरिकों का भरोसा भी बढ़ेगा।