BY
Yoganand Shrivastava
Karachi Terror Attack India Response पाकिस्तान के कराची में सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर हुए हालिया आतंकी हमले के बाद पड़ोसी मुल्क ने एक बार फिर अपनी पुरानी आदत दोहराते हुए भारत पर अनर्गल आरोप लगाने की कोशिश की है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान के इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए उसे कड़ी नसीहत दी है। भारत ने दोटूक शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांके और आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति की तरह इस्तेमाल करना बंद करे।
Karachi Terror Attack India Response भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाक के बेबुनियाद दावों को नकारा
Karachi Terror Attack India Response कराची हमले को लेकर पाकिस्तानी मीडिया और हुक्मरानों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सख्त रुख अपनाया। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “हमने कराची की घटना पर भारत को घसीटने वाली पाकिस्तान की झूठी रिपोर्ट देखी हैं। हम इन बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं। पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह दूसरों पर लांछन लगाने के बजाय अपने गिरेबान में झांके, अपनी सरजमीं पर पल रहे आतंकी नेटवर्क के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई करे और आतंकवाद को पाशविक हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करने की आदत छोड़े।”
Karachi Terror Attack India Response कराची में सिंध रेंजर्स हेडक्वार्टर पर टीटीपी गुट का आत्मघाती धावा
दरअसल, यह पूरा विवाद शनिवार रात कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुए एक भीषण आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ। प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े चरमपंथी गुट ‘जमात-उल-अहरार’ के भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय को निशाना बनाया। आतंकियों ने पहले परिसर के बाहर बम धमाके किए और फिर अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए भीतर घुस गए। लगभग 90 मिनट तक चली इस खूनी मुठभेड़ में 4 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 6 आतंकवादियों को ढेर कर दिया और एक हमलावर को जिंदा दबोच लिया।
Karachi Terror Attack India Response पाक-अफगान सीमा पर तनाव और चीनी नागरिकों पर बढ़ते हमले
यह आत्मघाती हमला ऐसे नाजुक वक्त में हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर कड़वाहट चरम पर है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां लगातार अफगान-तालिबान पर टीटीपी को पनाह देने के आरोप लगा रही हैं। गौरतलब है कि कराची में अक्टूबर 2024 के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है; इससे पहले वहाँ के हवाई अड्डे के पास बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने चीनी इंजीनियरों को निशाना बनाया था। अपनी इसी आंतरिक सुरक्षा विफलता और चौतरफा दबाव से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान अब भारत के खिलाफ मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रहा है।





