Report: Alok Bharadwaj
Bhind Education Department Scam शिक्षा के स्तर में सुधार के बड़े-बड़े दावे करने वाला भिंड का शिक्षा विभाग अपने ही प्रशासनिक ढांचे की अव्यवस्थाओं को सुधारने में नाकाम साबित हो रहा है। विभाग में जारी गंभीर अनियमितताओं को लेकर मीडिया द्वारा लगातार खुलासे किए जाने के बावजूद, प्रशासनिक हठधर्मिता के चलते अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मामला एक ही उच्च माध्यमिक शिक्षक को नियम विरुद्ध तरीके से कई महत्वपूर्ण पदों का प्रभार सौंपने और वित्तीय गबन को मूक सहमति देने से जुड़ा है।
Bhind Education Department Scam सुपर सीएम राइज़! एक शिक्षक और जिम्मेदारियां अनेक
वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भारौली में इतिहास के उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ आनंद स्वरूप शर्मा के पास प्रभारों की लंबी फेहरिस्त है। वे भारौली स्कूल के प्राचार्य तो हैं ही, साथ ही खैरोली संकुल और कनाथर संकुल के प्रभारी प्राचार्य का दायित्व भी संभाल रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्हें डाइट (DIET) संस्थान का भी प्रभारी प्राचार्य बना रखा है। हद तो तब हो जाती है जब नियमावलियों को ताक पर रखकर वे कभी-कभी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) तक का प्रभार संभालने लगते हैं। एक ही व्यक्ति को इतने प्रभार दिया जाना पदीय कर्तव्यों के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता भी साफ झलकती है।

Bhind Education Department Scam दफ्तर से बाबू गायब, बेटा लगा रहा हाजिरी और प्रभारी प्राचार्य ने पास कर दिया वेतन
डाइट संस्थान के प्रभारी प्राचार्य आनंद स्वरूप शर्मा की कार्यप्रणाली पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब दफ्तर से नदारद रहने वाले एक सीनियर ऑडिटर (बाबू) का नियम विरुद्ध तरीके से लगातार वेतन जारी किया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि कार्यालय के स्टाफ अटेंडेंस रजिस्टर पर संबंधित बाबू की जगह उनका बेटा धड़ल्ले से फर्जी हस्ताक्षर कर रहा था। बीती 21 मई को मीडिया टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में यह खेल रंगे हाथों पकड़ा गया, जहां बाबू खुद दफ्तर के बाहर चार पहिया वाहन में आराम फरमा रहे थे और उनका बेटा अंदर आकर हाजिरी रजिस्टर भर रहा था। पूरे मई महीने में इसी तरह फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन आहरित किया गया, जो प्रभारी प्राचार्य की मूक सहमति के बिना मुमकिन नहीं है।
Bhind Education Department Scam कागजों में सिमटी कार्रवाई, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
इस पूरे फर्जीवाड़े के दस्तावेजी प्रमाण सामने आने के बाद भी भिंड शिक्षा विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है। फर्जी अटेंडेंस और नियम विरुद्ध प्रभारों के इस बड़े सिंडिकेट पर अभी तक न तो कोई विभागीय जांच बैठाई गई है और न ही आनंद स्वरूप शर्मा से प्रभार वापस लिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि इस वित्तीय और प्रशासनिक धोखाधड़ी के उजागर होने के बाद वरिष्ठ अधिकारी कोई सख्त एक्शन लेते हैं या फिर यह हठधर्मिता यूं ही बरकरार रहेगी।
Bhind Education Department Scam अधिकारी का आधिकारिक बयान
जब इस पूरे प्रशासनिक और वित्तीय फर्जीवाड़े को लेकर भिंड के नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से बात की गई, तो उन्होंने मामले पर अनभिज्ञता जताते हुए जल्द एक्शन लेने का आश्वासन दिया।
“मैंने अभी कुछ ही समय पहले पदभार ग्रहण किया है, इसलिए यह पूरा मामला अभी मेरे संज्ञान में आया है। एक ही शिक्षक के पास कई प्रभार होने और डाइट (DIET) संस्थान में फर्जी हाजिरी के जरिए वेतन निकालने की जो भी शिकायतें मिली हैं, मैं स्वयं उनकी विस्तृत जांच करवाऊंगा। फाइलों और उपस्थिति रजिस्टर को दिखवाकर, जो भी वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता पाई जाएगी, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” — जिला शिक्षा अधिकारी, भिंड





