Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: मास्टरमाइंड टिन्नू यादव समेत 8 आरोपियों के घरों पर पुलिस की छापेमारी, कई ठिकानों पर लटके मिले ताले

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Ayodhya Ram Mandir Donation Theft

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे और चंदे की चोरी के मामले में पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। रविवार को जन्मभूमि थाना पुलिस और आला अधिकारियों (CO) की टीम ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत इस मामले से जुड़े सभी 8 आरोपियों के आवास और अन्य ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस इस तलाशी अभियान के जरिए चोरी की गई रकम और अहम दस्तावेजी सबूतों को जुटाने का प्रयास कर रही है।

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft पुलिस की दस्तक से पहले ही फरार हुए आरोपियों के परिजन

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft जब पुलिस की टीम मुख्य आरोपी टिन्नू यादव के घर पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। टिन्नू की पत्नी पुलिस के आने की भनक लगते ही घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर कहीं गायब हो गई। इसी तरह, एक अन्य आरोपी मनीष यादव के घर पर भी पुलिस को तालाबंदी मिली। पुलिस आरोपियों के परिजनों से पूछताछ कर चोरी की गई अकूत संपत्ति का पता लगाने की कोशिश में थी, लेकिन कार्रवाई से पहले ही आरोपी के परिवार वाले घर छोड़कर अंडरग्राउंड हो गए।

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft मंदिर के दानपात्र और काउंटिंग रूम की चाबी रखता था ‘टिन्नू’

इस पूरे ‘चंदा चोरी कांड’ में अब तक कई बड़े चेहरों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनके पास मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्था की अहम कमान थी। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य रूप से रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।

जांच में सामने आए मुख्य किरदारों की भूमिका इस प्रकार है:

  • रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: यह आरोपी राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बेहद करीबी माना जाता था। मंदिर प्रबंधन में इसका सीधा दखल था और चढ़ावे की गिनती की पूरी जिम्मेदारी इसी के पास थी। दानपात्र और गणना कक्ष (Counting Room) की चाबियां टिन्नू के पास ही रहती थीं। कभी ऑटो चलाने वाले टिन्नू ने इस खेल के जरिए करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली।
  • अनुकल्प मिश्रा: यह आरोपी काउंटिंग रूम में नोटों की गिनती का काम करता था। अनुकल्प पर आरोप है कि उसने मंदिर के चढ़ावे से पैसे चुराकर उन्हें बाथरूम में छिपा दिया था और बाद में बैंक ले जाते समय उसे गायब कर दिया। इस चोरी की रकम से उसने लाखों रुपये के एसेट्स बनाए।
  • लवकुश मिश्रा: चढ़ावे और कैश काउंटिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले लवकुश पर करोड़ों के कैश और कीमती आभूषणों की चोरी का आरोप है। पुलिस को पूर्व में हुई छापेमारी में लवकुश के घर से 12 लाख रुपये नकद बरामद हो चुके हैं। वह अनुकल्प का रिश्तेदार है और ट्रस्टी अनिल मिश्रा की सिफारिश पर काम पर लगा था।
  • सुभाष चंद्र श्रीवास्तव: यह आरोपी कैश काउंटिंग स्टाफ के प्रभारी (इनचार्ज) के रूप में तैनात था। सुभाष पर अपनी निगरानी में भारी लापरवाही बरतने और इस महाघोटाले में शामिल अन्य आरोपियों को मूक सहमति देने का गंभीर आरोप है।

करोड़ों की बेनामी संपत्ति खंगाल रही है पुलिस पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आस्था के इस बड़े केंद्र में आम जनता द्वारा चढ़ाए गए पैसे को इन आरोपियों ने कहाँ-कहाँ निवेश किया है। सभी आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खाते और प्रॉपर्टी के दस्तावेजों को जब्त कर फॉरेंसिक व वित्तीय जांच के दायरे में ले लिया गया है।

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