,

Arjun Munda Statement Controversy: जमशेदपुर में अर्जुन मुंडा के बयान पर बवाल: यूसीआईएल संयुक्त ग्राम सभा ने जताई कड़ी आपत्ति, सार्वजनिक माफी की मांग

Arjun Munda Statement Controversy

Report: Prem Shrivastva

Arjun Munda Statement Controversy यूसीआईएल (UCIL) विस्थापित प्रभावित संयुक्त ग्राम सभा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के हालिया बयान पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। रविवार को बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन (प्रेस कॉन्फ्रेंस) में पंच मौजा के पारंपरिक माझी बाबा, ग्राम प्रधान, हातु मुंडा और भारी संख्या में विस्थापित परिवारों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। ग्राम सभा ने तुरामडीह माइंस गेट पर हुए आंदोलन और उसमें विस्थापितों को लेकर दिए गए राजनीतिक बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की।

Arjun Munda Statement Controversy अर्जुन मुंडा के आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार

ग्राम सभा के प्रतिनिधियों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व अर्जुन मुंडा भाजपा जिला कमेटी के साथ तुरामडीह माइंस गेट पर चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वहाँ उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ बाहरी लोग विस्थापितों के नाम पर राजनीति चमका रहे हैं और आंदोलनकारियों को नशे का सेवन कराकर विरोध प्रदर्शन कराया जा रहा है। अर्जुन मुंडा ने आंदोलन कर रहे लोगों के वास्तविक विस्थापित होने पर भी सवाल उठाए थे। ग्राम सभा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह तथ्यहीन और मनगढ़ंत बताया है।

Arjun Munda Statement Controversy पारंपरिक प्रधानों की मौजूदगी में खोला मोर्चा, छवि धूमिल करने का आरोप

प्रेस वार्ता में शामिल ग्रामीणों ने यूसीआईएल द्वारा विभिन्न चरणों (वर्ष 1984-85, 2005-06 और 2010-11) में अधिग्रहित की गई जमीनों का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा:

  • रैयतों का अपमान: नंदूप, तुरामडीह, तालसा, पुरिहासा और बांदुहुड़ांग (पंच मौजा) की रैयती जमीनें अधिग्रहित की गई थीं। आज इन गांवों के पारंपरिक माझी बाबा और मूल विस्थापित खुद हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, ऐसे में उन पर राजनीति का आरोप लगाना सरासर गलत है।
  • युवाओं को नशेड़ी कहना दुर्भाग्यपूर्ण: रोजगार की मांग कर रहे स्थानीय विस्थापित और बेरोजगार युवाओं को ‘नशेड़ी’ कहकर संबोधित करना उनकी सामाजिक छवि को खराब करने की एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण कोशिश है।
  • धरना स्थल पर बाहरी लोग: ग्राम सभा ने सवाल उठाया कि जिस धरने में अर्जुन मुंडा पहुंचे थे, वहाँ नंदूप गांव के महज पांच-छह परिवार ही थे। ऐसे में बाकी लोग कहाँ से आए थे, इसकी जांच होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री रहते हुए भी नहीं किया समस्याओं का समाधान ग्राम सभा के प्रतिनिधियों ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब अर्जुन मुंडा झारखंड के मुख्यमंत्री थे, तब भी विस्थापित परिवारों ने कई बार अपनी बुनियादी मांगें उनके समक्ष रखी थीं, लेकिन तब उन्हें कोई ठोस या अपेक्षित समाधान नहीं मिला। आज वे अपने राजनीतिक हितों के लिए क्षेत्र में अशांति का माहौल पैदा कर रहे हैं।

Arjun Munda Statement Controversy अकारण माइंस जाम करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग

संयुक्त ग्राम सभा ने कहा कि पांचों गांवों के मूल विस्थापित पूरी तरह एकजुट हैं और उनका उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, पुनर्वास, नौकरी और उचित मुआवजा हासिल करना है। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि जो स्वार्थी तत्व आए दिन बिना किसी ठोस कारण के तुरामडीह माइंस का गेट जाम कर कंपनी के कामकाज को ठप करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। इस दलाली और व्यवधान के कारण स्थानीय मजदूरों को अपनी दिहाड़ी से हाथ धोना पड़ता है। ग्राम सभा ने चेतावनी दी कि अर्जुन मुंडा को विस्थापितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

Read this: Gwalior Jinavali Village Crime: ग्वालियर के जिनावली में चुनावी रंजिश में खूनी संघर्ष: सरपंच परिवार पर कुल्हाड़ी और सरियों से हमला, भतीजा मरणासन्न

Aaj Ka Rashifal: जानें राशि के अनुसार कैसा रहेगा आज का दिन

Aaj Ka Rashifal: 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से…

Naxal Free Villages : नक्सल मुक्त गांवों के विकास की बारी, गांव-गांव भ्रमण कर रहे अधिकारी

रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव Naxal Free Villages : भोपाल, मध्यप्रदेश से नक्सलवाद खत्म…

Madhya Pradesh में 12 IPS अधिकारियों के तबादले, नर्मदापुरम, बैतूल, पन्ना और हरदा के SP बदले

Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल…