रिपोर्ट: प्रशांत जोशी, कांकेर
अफसर को मंच पर लगाई फटकार
कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग एक बार फिर अपने तीखे तेवरों को लेकर चर्चा में हैं। नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान सांसद का गुस्सा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एक कार्यपालन अभियंता पर जमकर फूटा। भरे मंच पर अधिकारी को बुलाकर उन्होंने ऐसी फटकार लगाई कि शिविर में मौजूद अन्य अधिकारी भी सहम गए।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इसी क्रम में कोयलीबेड़ा में आयोजित शिविर में सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य और उससे हो रही परेशानियों की शिकायत सांसद से की। इस पर नाराज सांसद ने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता को मंच पर बुलाया और सख्त लहजे में कहा, “सुशासन तिहार को मज़ाक बना रखा है, ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लीजिए।” उन्होंने अधिकारी पर ठेकेदारों पर कार्रवाई न करने और कमीशनखोरी जैसे आरोप तक जड़ दिए।
सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणों को जल्द से जल्द पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि क्षेत्र की कई पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत कार्य चल रहा है, लेकिन अधिकांश जगहों पर कार्य अधूरे हैं और ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है।
यह पहला मौका नहीं है जब सांसद भोजराज नाग ने अफसरों की सार्वजनिक फटकार लगाई हो। इससे पहले भी वे तत्कालीन कलेक्टर शमी आबिदी, एक ठेकेदार और थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगा चुके हैं। वे अक्सर सरकारी योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को आड़े हाथों लेते आए हैं।
सांसद का यह रवैया जहां कुछ लोगों के लिए अनुशासन का प्रतीक है, वहीं प्रशासनिक हलकों में खलबली भी मचा देता है। फिलहाल समाधान शिविर में हुई इस घटना के बाद संबंधित विभाग में हलचल तेज हो गई है और समस्या के त्वरित समाधान की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
निष्कर्षतः, यह घटना प्रशासन को यह याद दिलाती है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, ज़मीनी हकीकत में भी लागू होनी चाहिए, ताकि आम जनता को वास्तव में लाभ मिल सके।





