- स्टार रेटिंग: 3.5/5
- रिलीज डेट: 17 अप्रैल 2026
- डायरेक्टर: नागराज पोपटराव मंजुले
- शैली: पीरियड-क्राइम ड्रामा
Matka King Review: ‘गुस्ताख इश्क’ में एक शायर के रूप में अपनी छाप छोड़ने के बाद विजय वर्मा इस बार ‘मटका किंग’ में एक बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आते हैं। यह सीरीज सिंधी कारोबारी रतन खत्री के जीवन से प्रेरित है, जिन्होंने मुंबई में ‘मटका’ नाम के सट्टेबाजी के खेल को लोकप्रिय बनाया। 8 एपिसोड की यह सीरीज दिखाती है कि किस तरह पैसा और ताकत इंसान के स्वभाव और रिश्तों को बदल देते हैं।
Matka King Review: मटका किंग- कहानी
सीरीज में विजय वर्मा ‘बृज भट्टी’ के किरदार में हैं, जो मुंबई की एक चाल में अपनी गर्भवती पत्नी बरखा (सई ताम्हनकर) और छोटे भाई लाछू (भूपेंद्र जादवत) के साथ रहता है। वह एक कॉटन मिल में मैनेजर है और अपने मालिक लालजीभाई (गुलशन ग्रोवर) के लिए सट्टेबाजी का काम भी संभालता है।
यह सट्टा 0 से 9 तक के नंबरों पर आधारित होता है और इसका भुगतान न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज की दरों से जुड़ा होता है। लेकिन लालजीभाई बेईमानी करते हुए नतीजों में हेरफेर करता है।
हालात तब बिगड़ते हैं जब बृज का भाई जुए में फंस जाता है और उसे बचाने के लिए बृज को बड़ी रकम जुटानी पड़ती है। अपने मालिक से निराश होकर वह नौकरी छोड़ देता है और खुद का ‘मटका गेम’ शुरू करता है—जिसका एक ही नियम है: ईमानदारी।
यहीं से उसकी सफलता की कहानी शुरू होती है, जो धीरे-धीरे उसे एक बड़े नाम में बदल देती है।
Matka King Review: मटका किंग- लेखन और निर्देशन
निर्देशक नागराज मंजुले ने कहानी को प्रभावशाली तरीके से पेश किया है। सीरीज की रफ्तार ज्यादातर एपिसोड में अच्छी बनी रहती है, हालांकि कुछ जगहों पर कहानी थोड़ी धीमी लगती है।
एक्शन सीन स्क्रीन पर असरदार लगते हैं, लेकिन कुछ किरदारों की बैकस्टोरी को और गहराई से दिखाया जा सकता था।
Matka King Review: मटका किंग- तकनीकी पक्ष
संगीत इस सीरीज की बड़ी ताकत है। ‘जिंदगी एक सफर’ जैसे क्लासिक गाने का इस्तेमाल माहौल को और मजबूत बनाता है।
टाइटल ट्रैक भी कहानी के टोन के साथ फिट बैठता है। साउंड डिजाइन और एक्शन सीक्वेंस काफी नेचुरल और प्रभावी लगते हैं, जो इसे और रियल बनाते हैं।
Matka King Review: क्या है खास
‘मटका किंग’ एक एंगेजिंग और बिंज-वॉच सीरीज है। 1960 के दशक के मुंबई को दिखाने के लिए कॉस्ट्यूम और सेट डिजाइन पर खास ध्यान दिया गया है।
कहानी का स्ट्रक्चर ऐसा है कि शुरुआत और अंत को जोड़ने की कोशिश की गई है, जिससे दर्शक लगातार जुड़े रहते हैं।
Matka King Review: कहां रह गई कमी
कुछ सीन्स में तकनीकी खामियां नजर आती हैं, खासकर कार वाले शॉट्स में जहां ग्रीन स्क्रीन का इस्तेमाल साफ दिखता है।
इससे कुछ पलों में कहानी की इमर्सन टूटती है और दर्शक का ध्यान भटक सकता है।
Matka King Review: एक्टिंग और परफॉर्मेंस
विजय वर्मा ने बृज भट्टी के किरदार को पूरी गहराई के साथ निभाया है। इमोशनल, इंटेंस और लीडरशिप वाले हर पहलू में उन्होंने शानदार अभिनय किया है।
उनके साथ कृतिका कामरा, सई ताम्हनकर और सिद्धार्थ जाधव ने भी मजबूत परफॉर्मेंस दी है।
भूपेंद्र जादवत ने छोटे भाई के जटिल किरदार को अच्छे से निभाया है, वहीं गुलशन ग्रोवर ने अपने नेगेटिव रोल में प्रभाव छोड़ा है।
सपोर्टिंग कास्ट में भारत जाधव, गिरीश कुलकर्णी, जेमी लीवर, किशोर कदम, साइरस साहूकार और अन्य कलाकारों ने कहानी को मजबूती दी है।
Matka King Review: कैसी है ‘मटका किंग’
कुल मिलाकर ‘मटका किंग’ एक दिलचस्प और थ्रिल से भरपूर सीरीज है, जो आपको शुरू से अंत तक बांधे रखती है।
हर एपिसोड के अंत में क्लिफहैंगर दर्शकों को अगला एपिसोड देखने के लिए मजबूर करता है।
हालांकि कुछ तकनीकी और पेसिंग से जुड़ी कमियां हैं, लेकिन दमदार एक्टिंग और मजबूत कहानी इसे देखने लायक बनाती है।
अगर आपको क्राइम-ड्रामा और सस्पेंस पसंद है, तो यह सीरीज आपको निराश नहीं करेगी।
फाइनल रेटिंग: 3.5/5
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