Women Reservation Bill : धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं – अमित शाह ,किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं – पीएम
Women Reservation Bill : नमस्कार स्वदेश agenda देख रहे है आप… नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद का विशेष सत्र आज से शुरू हो गया….पीएम मोदी सहित तमाम दिग्गजों ने इस पर अपनी बात रखी | लेकिन बिल पेश होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया…कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, सपा से अखिलेश यादव डीएमके से टीआर बालू सहित तमाम विपक्ष के दिग्गजों ने परिसीमन बिल का विरोध किया | कांग्रेस ने बिल पेश होते ही कहा कि सरकार संविधान को हाइजैक करना चाहती है….वहीं सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाएगा… तब तक इसका मतलब नहीं है…. अमित शाह ने इस पर पलटवार करते हुए कहा- मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, उधर तीनों बिल सदन में पेश हो या नहीं, इसे लेकर वोटिंग कराई गई, जिसमें 207 वोट पक्ष में पड़े | दोपहर बाद पीएम मोदी ने इस बिल के पक्ष में अपनी बात रखी और भरोसा दिलाया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा. सरकार का मत है कि परिसीमन और महिला आरक्षण बिल से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा |
Women Reservation Bill : अब पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने मत है लेकिन इस बात को समझना होगा कि “महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित किया गया था, जिसके प्रावधानों को 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किये जाने की बात कही जा रही थी, जिससे लोकसभा की सदस्य संख्या में समान रूप से 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिससे कुल सीटें बढ़कर 815 हो जाएंगी. इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो सदन की कुल संख्या का एक-तिहाई है…इसमें किसी भी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा और उनकी मौजूदा ताकत बरकरार रहेगी.” अब इन तीनो बिलों पर कल वोटिंग होनी है देखने वाली बात होगी कि महिला आरक्षण में परिसीमन और OBC आरक्षण पर कोई समाधान निकलेगा या विरोध के बीच ये विधेयक अटक जायेगा ? इसी पर विस्तार से करेंगे चर्चा उससे पहले आपको बताते है इस विधेयक से जुड़ी अहम बाते |
Women Reservation Bill : इसमें करीब 20 दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक के बाद विपक्ष ने एकजुट रुख दिखाते हुए सरकार के तरीके पर गंभीर आपत्तियां जताईं. इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, UBT के संजय राउत, AAP के संजय सिंह, DMK के टी.आर. बालू, CPI की एनी राजा, IUML के ई.टी. मोहम्मद बशीर, के.सी. वेणुगोपाल और कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी सहयोगियों के साथ पहुंचे. इसके अलावा टीएमसी सांसद सागरिका घोष, एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले, निलोत्पल बसु और एन.के. प्रेमचंद्रन भी चर्चा में शामिल हुए. कुछ नेता वर्चुअली भी जुड़े. इनमें उद्धव ठाकरे, हेमंत सोरेन और दीपांकर भट्टाचार्य शामिल रहे. बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष का साझा रुख स्पष्ट किया.
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