Bhopal Shelter : भोपाल के निर्भया महिला आश्रय गृह में एक भावुक और अलग तरह का विवाह समारोह देखने को मिला, जिसने इंसानियत और अपनत्व की मिसाल पेश की। यहां रहने वाली पूजा का विवाह पूरे रीति-रिवाजों के साथ मुरली से संपन्न कराया गया। इस शादी की खास बात यह रही कि पूजा अपनी छोटी बेटी के साथ इस आश्रय गृह में आई थीं और अब दोनों को एक साथ नया परिवार मिल गया।
Bhopal Shelter : करीब डेढ़ साल पहले आश्रय गृह में आई पूजा और उनकी बेटी का यहां पूरी देखभाल के साथ पालन-पोषण किया गया। शादी का दिन और भी खास बन गया क्योंकि उसी दिन पूजा की बेटी का पहला जन्मदिन भी था। एक ही दिन मां की नई जिंदगी की शुरुआत और बेटी का पहला जन्मदिन—इस संयोग ने माहौल को और भावुक बना दिया।

Bhopal Shelter : विवाह की सभी रस्में पारंपरिक तरीके से पूरी की गईं। कन्यादान की जिम्मेदारी आश्रय गृह से जुड़े शेर अफजल खान और उनकी पत्नी समर खान ने निभाई, जिन्होंने माता-पिता की भूमिका में बेटी को विदा किया। वहीं कर्नल आलोक ने भाई का फर्ज निभाते हुए समारोह में सक्रिय भागीदारी की।
Bhopal Shelter : शादी में हल्दी, मेहंदी से लेकर विदाई तक हर रस्म परिवार जैसे माहौल में पूरी की गई। इस मौके पर दूल्हे को सूट और चांदी का सिक्का भेंट किया गया, जबकि दुल्हन को भी जरूरी सामान के साथ सम्मानपूर्वक विदा किया गया। एक अन्य सदस्य ने बुआ/मौसी की भूमिका निभाते हुए दुल्हन को चांदी की बिछिया पहनाई।

Bhopal Shelter : इस समारोह में कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और इस पहल की सराहना की। विदाई के समय माहौल बेहद भावुक था—आंखों में आंसू थे, लेकिन साथ ही एक नई शुरुआत की खुशी भी झलक रही थी।
यह अनोखी शादी न सिर्फ एक परिवार की कहानी है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि समाज में संवेदनशीलता और सहयोग से किसी की जिंदगी बदली जा सकती है।





