Report: Aswani modanwal
मिर्जापुर। जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बरौधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराने के बजाय एम्बुलेंस कर्मियों ने प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती महिला को सड़क पर ही उतार दिया। मजबूर महिला ने सड़क किनारे कीचड़ में ही बेटी को जन्म दिया। यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मामले का संज्ञान लेते हुए भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा ने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार से फोन पर बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। डीएम पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गर्भवती महिला सड़क किनारे कीचड़ में पड़ी दर्द से तड़प रही है, जबकि मौके पर मौजूद लोग असहाय होकर उसे देख रहे हैं। यह घटना न केवल स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी गहरे सवाल खड़े करती है।





