Indus Water Treaty: पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ अपनी मुहिम को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में भारत के साथ सिंधु जल संधि से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में द्विपक्षीय रिश्तों के अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया की स्थिति समेत कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।
Indus Water Treaty: इशाक डार ने ब्रिटेन के सामने उठाया सिंधु जल संधि का मुद्दा
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इशाक डार और एड मिलिबैंड की बैठक में दोनों देशों के संबंधों की समीक्षा की गई। इस दौरान पाकिस्तान की ओर से भारत के साथ सिंधु जल संधि से जुड़े घटनाक्रम को बातचीत का अहम हिस्सा बनाया गया।
Deputy Prime Minister/Foreign Minister Senator Mohammad Ishaq Dar @MIshaqDar50, during his official visit to the United Kingdom, held delegation-level talks with British Foreign Secretary Ed Miliband @Ed_Miliband in London today.
— Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) August 27, 2026
The two sides reviewed the full spectrum of… pic.twitter.com/DDtlO30q74
पाकिस्तान का कहना है कि भारत की ओर से संधि को लेकर उठाए गए कदम अंतरराष्ट्रीय दायित्वों से जुड़े हैं। इशाक डार ने बैठक में संधि के तहत तय प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और पाकिस्तान का पक्ष ब्रिटेन के सामने रखा।
Indus Water Treaty: भारत पर अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के उल्लंघन का आरोप
पाकिस्तान लगातार यह दावा करता रहा है कि भारत की ओर से सिंधु जल संधि को लेकर उठाए गए कदम उसके जल अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं। इसी रुख को दोहराते हुए इशाक डार ने ब्रिटिश विदेश मंत्री के सामने भारत पर अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया।
पाकिस्तान की ओर से इस मुद्दे को ऐसे समय में उठाया गया है, जब इस्लामाबाद लंबे समय से सिंधु जल संधि को लेकर भारत के फैसले का विरोध करता रहा है। पाकिस्तान इस मामले को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों और दूसरे देशों के साथ होने वाली कूटनीतिक बैठकों में भी उठाता रहा है।
Indus Water Treaty: पहलगाम हमले के बाद भारत ने स्थगित की थी संधि
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे। इन्हीं फैसलों में सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल था। भारत ने आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों के संदर्भ में पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया था।
सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच करीब छह दशक पुरानी जल व्यवस्था से जुड़ी अहम संधि है। इसके तहत सिंधु नदी प्रणाली की विभिन्न नदियों के पानी के इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के अधिकार और व्यवस्थाएं निर्धारित की गई थीं।
Indus Water Treaty: संधि पर रोक के बाद लगातार विरोध कर रहा पाकिस्तान
भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान लगातार सिंधु जल संधि का मुद्दा उठा रहा है। पाकिस्तान की ओर से कई बार आरोप लगाया गया है कि भारत पानी के प्रवाह को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद ने जल सुरक्षा को अपने लिए बेहद गंभीर विषय बताते हुए भारत के कदमों पर आपत्ति जताई है।
वहीं, भारत का रुख है कि वह अपने जल संसाधनों और उपलब्ध अधिकारों का इस्तेमाल अपने हितों के अनुरूप कर सकता है। सिंधु नदी प्रणाली के पानी के उपयोग को लेकर भारत ने समय-समय पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
Indus Water Treaty: ब्रिटेन से समर्थन जुटाने की कोशिश
ब्रिटेन के साथ बैठक में सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाना पाकिस्तान की व्यापक कूटनीतिक कोशिश का हिस्सा माना जा सकता है। पाकिस्तान चाहता है कि भारत के साथ जल विवाद और संधि से जुड़े उसके आरोपों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान मिले।
इशाक डार ने इस बैठक के जरिए ब्रिटेन के सामने पाकिस्तान का पक्ष रखा। हालांकि, इस मुद्दे पर ब्रिटेन की ओर से किसी नए निर्णय या भारत के खिलाफ किसी कार्रवाई की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।
Indus Water Treaty: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान सिर्फ भारत-पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर ही चर्चा नहीं हुई। दोनों विदेश मंत्रियों ने मध्य पूर्व की बदलती परिस्थितियों और अन्य प्रमुख क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।
इशाक डार ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों की जानकारी भी ब्रिटिश विदेश मंत्री को दी। पाकिस्तान ने इस मामले में अपनी कूटनीतिक भूमिका और मध्यस्थता से जुड़े प्रयासों के बारे में भी चर्चा की।
Indus Water Treaty: अफगानिस्तान से जुड़े सुरक्षा मुद्दे पर पाकिस्तान की चिंता
इशाक डार ने अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर पाकिस्तान की चिंताओं को भी ब्रिटेन के सामने रखा। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से उसके खिलाफ सुरक्षा खतरे बढ़ रहे हैं।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने अपने देश में बढ़ती हिंसा के लिए अफगानिस्तान से जुड़े तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा और दोनों देशों के बीच पैदा हो रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
Indus Water Treaty: सिंधु जल संधि पर आगे भी जारी रह सकता है विवाद
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि लंबे समय से दोनों देशों के संबंधों का संवेदनशील मुद्दा रही है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसले ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है। पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है, जबकि भारत आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपने रुख पर कायम है।
ब्रिटेन के साथ इशाक डार की बैठक में सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया जाना बताता है कि पाकिस्तान इस मामले को अपनी विदेश नीति में लगातार प्रमुखता देता रहेगा। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच जल संसाधनों को लेकर कूटनीतिक और कानूनी स्तर पर बहस जारी रहने की संभावना है।




