Report: Santosh Saravgee
Dabra Nagar Palika Controversy नगरपालिका में विकास कार्यों को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब नगरपालिका अध्यक्ष ने धरने पर बैठे पार्षदों के आरोपों पर पलटवार किया है। अध्यक्ष ने विकास कार्यों की फाइलें और निविदाएं रोकने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नियमानुसार उनके पास आने वाले प्रस्तावों पर तत्काल हस्ताक्षर किए जाते हैं। उन्होंने विरोधी गुट पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे किसी के इशारे पर चलने वाली ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ तक करार दिया।
विकास कार्यों में अड़ंगा लगाने का लगाया आरोप
Dabra Nagar Palika Controversy नगरपालिका अध्यक्ष के मुताबिक वे पिछले चार वर्षों से शहर के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्षदों के साथ बैठक कर आपसी मतभेद दूर करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है।

अध्यक्ष ने कहा कि नगरपालिका में विकास कार्यों से जुड़े जो भी प्रस्ताव नियमों के तहत उनके पास आते हैं, उन पर किसी तरह की अनावश्यक रोक नहीं लगाई जाती। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे डबरा शहर का विकास करना है।
फाइल और टेंडर रोकने के आरोपों को बताया गलत
Dabra Nagar Palika Controversy धरने पर बैठे पार्षदों की ओर से लगाए गए फाइल और निविदाओं पर हस्ताक्षर नहीं करने के आरोपों को अध्यक्ष ने पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के अनुसार आने वाले प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
Dabra Nagar Palika Controversy अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विकास कार्यों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के पीछे राजनीतिक विवाद ज्यादा नजर आ रहा है। उन्होंने विरोधी पार्षदों के गुट पर निशाना साधते हुए उसे ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ बताया और आरोप लगाया कि कुछ लोग किसी के इशारे पर काम कर रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था पर भी सियासी घमासान
Dabra Nagar Palika Controversy स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर अध्यक्ष ने कहा कि इसका प्रस्ताव पिछली बैठक में रखा गया था, लेकिन विरोधी पार्षदों ने बहुमत का हवाला देते हुए प्रस्ताव को निरस्त करवा दिया। वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि झाड़ू की खरीद जैसे छोटे मुद्दे को भी बड़ा बनाकर नगरपालिका के कामकाज को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
नगरपालिका में एक ओर पार्षद विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाकर धरने पर हैं, तो दूसरी ओर अध्यक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए विरोधी गुट पर ही विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया है। ऐसे में डबरा नगरपालिका का विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है।




