PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ मौजूदा खेलों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। देश को उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी, जिनमें भारतीय खिलाड़ी अब तक सीमित तौर पर या बिल्कुल हिस्सा नहीं लेते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक खेलों में मजबूत उपस्थिति से भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
प्रधानमंत्री ने यह बात ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर मौजूद खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत की खेल नीति और देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ मौजूदा खेलों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। देश को उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी, जिनमें भारतीय खिलाड़ी अब तक सीमित तौर पर या बिल्कुल हिस्सा नहीं लेते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक खेलों में मजबूत उपस्थिति से भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
प्रधानमंत्री ने यह बात ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर मौजूद खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत की खेल नीति और देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
PM Modi: ओलंपिक के आधे खेलों में भी नहीं उतरता भारत
पीएम मोदी ने कहा कि ओलंपिक में बड़ी संख्या में अलग-अलग खेल शामिल होते हैं, लेकिन भारत की टीमें इनमें से करीब आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं। उन्होंने इसे देश के खेल क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण चुनौती बताया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, दुनिया के कई देश ऐसे खेलों में भी पदक जीत रहे हैं, जिनमें भारत की भागीदारी अभी तक बहुत कम रही है। इसलिए अगर भारत को ओलंपिक में अपना प्रदर्शन लगातार बेहतर करना है तो उसे अधिक से अधिक खेल विधाओं में खिलाड़ियों को तैयार करने की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा कि पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए केवल उन खेलों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, जिनमें भारत पहले से प्रतिस्पर्धा करता आया है। नए खेलों में प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी देना भी जरूरी है।
PM Modi: पेरिस ओलंपिक में 32 में से 16 खेलों में हिस्सा
पीएम मोदी ने भारत की मौजूदा ओलंपिक भागीदारी का उदाहरण भी सामने रखा। पेरिस ओलंपिक 2024 में कुल 32 खेलों में भारत ने 16 खेलों में ही हिस्सा लिया था।
प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर है कि आने वाले वर्षों में भारत की भागीदारी का दायरा बढ़ाया जाए। इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और खिलाड़ियों को लंबे समय तक जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना अहम होगा।
PM Modi: खेल सिर्फ पदक जीतने का माध्यम नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका नजरिया केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक खेल देश के निर्माण और युवाओं की क्षमता को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाने की जरूरत है। खेलों के जरिए युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा की क्षमता विकसित होती है। यही युवा शक्ति आगे चलकर विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
PM Modi: 15 अगस्त को किया था प्रतिभा खोज अभियान का ऐलान
प्रधानमंत्री ने अपने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पांच से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए देशव्यापी टैलेंट सर्च अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है।
इस पहल का उद्देश्य कम उम्र में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर सही दिशा और अवसर मिलें तो वे भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हो सकती हैं।
PM Modi: खेल शक्ति और युवा शक्ति को जोड़ने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को व्यापक बनाने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल ओलंपिक पदकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि देश की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में खेलों की भी अहम भूमिका है। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना जरूरी होगा।
PM Modi: नए खेलों में भारत की दावेदारी मजबूत करने की तैयारी
प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य फोकस भारत की ओलंपिक भागीदारी का विस्तार करने पर रहा। जिन खेलों में देश की मौजूदगी अभी कमजोर है, उनमें खिलाड़ियों को तैयार करने से भारत के पास भविष्य में अधिक पदक जीतने के अवसर पैदा हो सकते हैं।
सरकार का जोर प्रतिभा पहचान से लेकर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा तक खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर है। ऐसे में आने वाले वर्षों में भारतीय खेल जगत के सामने ज्यादा खेल विधाओं में अपनी दावेदारी मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।
PM Modi: ओलंपिक के आधे खेलों में भी नहीं उतरता भारत
पीएम मोदी ने कहा कि ओलंपिक में बड़ी संख्या में अलग-अलग खेल शामिल होते हैं, लेकिन भारत की टीमें इनमें से करीब आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं। उन्होंने इसे देश के खेल क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण चुनौती बताया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, दुनिया के कई देश ऐसे खेलों में भी पदक जीत रहे हैं, जिनमें भारत की भागीदारी अभी तक बहुत कम रही है। इसलिए अगर भारत को ओलंपिक में अपना प्रदर्शन लगातार बेहतर करना है तो उसे अधिक से अधिक खेल विधाओं में खिलाड़ियों को तैयार करने की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा कि पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए केवल उन खेलों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, जिनमें भारत पहले से प्रतिस्पर्धा करता आया है। नए खेलों में प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी देना भी जरूरी है।
PM Modi: पेरिस ओलंपिक में 32 में से 16 खेलों में हिस्सा
पीएम मोदी ने भारत की मौजूदा ओलंपिक भागीदारी का उदाहरण भी सामने रखा। पेरिस ओलंपिक 2024 में कुल 32 खेलों में भारत ने 16 खेलों में ही हिस्सा लिया था।
प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर है कि आने वाले वर्षों में भारत की भागीदारी का दायरा बढ़ाया जाए। इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और खिलाड़ियों को लंबे समय तक जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना अहम होगा।
PM Modi: खेल सिर्फ पदक जीतने का माध्यम नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका नजरिया केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक खेल देश के निर्माण और युवाओं की क्षमता को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाने की जरूरत है। खेलों के जरिए युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा की क्षमता विकसित होती है। यही युवा शक्ति आगे चलकर विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
PM Modi: 15 अगस्त को किया था प्रतिभा खोज अभियान का ऐलान
प्रधानमंत्री ने अपने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पांच से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए देशव्यापी टैलेंट सर्च अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है।
इस पहल का उद्देश्य कम उम्र में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर सही दिशा और अवसर मिलें तो वे भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हो सकती हैं।
PM Modi: खेल शक्ति और युवा शक्ति को जोड़ने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को व्यापक बनाने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल ओलंपिक पदकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि देश की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में खेलों की भी अहम भूमिका है। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना जरूरी होगा।
PM Modi: नए खेलों में भारत की दावेदारी मजबूत करने की तैयारी
प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य फोकस भारत की ओलंपिक भागीदारी का विस्तार करने पर रहा। जिन खेलों में देश की मौजूदगी अभी कमजोर है, उनमें खिलाड़ियों को तैयार करने से भारत के पास भविष्य में अधिक पदक जीतने के अवसर पैदा हो सकते हैं।
सरकार का जोर प्रतिभा पहचान से लेकर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा तक खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर है। ऐसे में आने वाले वर्षों में भारतीय खेल जगत के सामने ज्यादा खेल विधाओं में अपनी दावेदारी मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।
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