Education System Protest : पढ़ाई छोड़ धरना-प्रदर्शन को मजबूर क्यों विद्यार्थी ?कहीं शिक्षक नहीं, कहीं शौंचालय, सुविधाओं पर भी सवाल
Education System Protest : छत्तीसगढ़ में GEN Z नहीं, बल्कि स्कूलों में पढ़ने वाली GEN ALPHA अब अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर नजर आ रही है। दुर्ग में अलग-अलग स्कूलों के बच्चे अलग-अलग मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कहीं पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, तो कहीं शौचालय और बाउंड्री वॉल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। खास बात ये है कि दुर्ग शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह जिला भी है। ऐसे में स्कूलों से सामने आई इन तस्वीरों ने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सियासत को भी गरमा दिया है। दुर्ग की तस्वीरों में बच्चे भी हैं, शिक्षक भी और सियासत भी। बच्चों का सवाल सीधा है पढ़ाएगा कौन और सुविधाएं कब मिलेंगी ? जवाब सरकार को देना है। क्योंकि राजनीतिक बहस अपनी जगह, लेकिन बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं का सवाल सबसे ऊपर है। इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा लेकिन पहले देखिये ये रिपोर्ट।।
Education System Protest : आजकल देशभर में जेनजी और जेन अल्फा के विरोध प्रदर्शन और हल्लाबोल के वीडियो खूब सामने आ रहे हैं, जिन्होंने न केवल अफसरों की बल्कि नेताओं की चिंता भी बढ़ा दी है। अन्य राज्यों की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी स्कूली शिक्षा व्यवस्था में लाचारी बदहाली को लेकर बच्चे और सड़क पर उतरकर आंदोलन की राह पर हैं। मामला तब और गंभीर हो जाता है जब सूबे के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गढ़ में ही यह हालात बने और वहां के बच्चों को सड़क पर उतरना पड़े। दुर्ग के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में करीब 400 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। छात्रों का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और इसका सीधा असर पढ़ाई और सिलेबस पर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर छात्र खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर उतर आए और करीब 12 घंटे तक चक्काजाम किया।
Education System Protest : मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। 21 अगस्त को भी छात्र शिक्षकों की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे। अधिकारियों के समझाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो छात्रों ने दोबारा आंदोलन किया। और आखिरकार शिक्षा मंत्री से फोन पर बातचीत के बाद चार नए शिक्षकों की व्यवस्था का फैसला हुआ। हालांकि छात्रों की मांग 17 शिक्षकों की है। उधर दुर्ग के सेलूद में भी करीब 200 छात्र सड़क पर उतर आए। यहां मांग थी स्कूल में शौचालय और बाउंड्री वॉल जैसी बुनियादी सुविधाओं की। छात्रों ने बताया कि करीब दो साल से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
Education System Protest : यानी एक ही जिले में शिक्षा व्यवस्था के तीन मोर्चे नजर आए। बच्चे शिक्षक मांग रहे हैं, बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन कर रहे हैं और दूसरी तरफ शिक्षक खुद TET की अनिवार्यता के खिलाफ सड़क पर हैं। जिसके बाद इन आंदोलनों ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।तो वहीं विपक्ष के आरोपों पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पलटवार किया। बदहाल शिक्षा व्यवस्था का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा। कहा- जो प्रदर्शन हो रहे हैं वह कांग्रेस द्वारा प्रायोजित है। मंत्री का कहना है कि सरकार बच्चों की समस्याओं का समाधान कर रही है,


