Nepal: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 130 से ज्यादा भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल में मृतकों की संख्या 150 के पार पहुंच गई है, जबकि 750 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
Nepal: नेपाल में फ्लैश फ्लड ने मचाई भारी तबाही
नेपाल के तिब्बत सीमा से सटे इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव अपने साथ पानी, पत्थर और मलबा लेकर आया, जिससे कई बस्तियां प्रभावित हुईं। सड़कों, पुलों और अन्य जरूरी ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से राहत और बचाव दलों को लोगों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Nepal: मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ा
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों का आंकड़ा 157 से 160 के आसपास बताया गया है। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
Nepal: 130 से ज्यादा भारतीय नागरिक लापता
नेपाल की बाढ़ में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। ताजा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कम से कम 130 से 133 भारतीय नागरिकों का पता नहीं चल पाया है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल बताए जा रहे हैं। भारतीय और नेपाली अधिकारी लापता नागरिकों की जानकारी जुटाने तथा उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास में लगे हैं।
Nepal: 750 से ज्यादा लोगों का अब तक पता नहीं
नेपाल में इस आपदा के बाद लापता लोगों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक 750 से अधिक लोग अभी तक लापता हैं। इनमें नेपाल के नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और यात्री भी शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने की वजह से लापता लोगों की सही संख्या और उनकी स्थिति का पता लगाने में परेशानी हो रही है।
Nepal: कई देशों के नागरिक भी लापता
नेपाल की इस आपदा का असर सिर्फ स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी लापता बताए गए हैं। नेपाल के पर्यटन अधिकारियों के अनुसार 579 पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें 400 से ज्यादा विदेशी नागरिक हैं। भारतीयों के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, मलेशिया और अन्य देशों के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं।
Nepal: कैलाश मानसरोवर यात्रियों की बढ़ी चिंता
इस हादसे के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोगों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्रभावित क्षेत्र इसी मार्ग के आसपास स्थित होने के कारण कई यात्रियों के संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। भारतीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की ओर से यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। परिजनों को भी अपने रिश्तेदारों की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
Nepal: राहत और बचाव अभियान में जुटीं एजेंसियां
नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बलों और आपदा राहत टीमों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, खराब मौसम, मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कें बचाव अभियान में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
Nepal: भारत ने नेपाल के लिए बढ़ाया मदद का हाथ
आपदा के बीच भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री भेजने की पहल की है। भारतीय वायुसेना के जरिए करीब 10 टन राहत सामग्री भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता से जुड़ी सामग्री और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। भारत ने नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया है।
Nepal: पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की थी बात
नेपाल में तबाही के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की थी। पीएम मोदी ने बाढ़ से हुई जनहानि पर संवेदना जताई और संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ भारत की एकजुटता जाहिर की। उन्होंने नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने पीएम मोदी का आभार जताया और भारत की सहायता की पेशकश की सराहना की।
Nepal: सीमा क्षेत्र में हालात पर नजर
फ्लैश फ्लड से प्रभावित नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बचाव कार्य के साथ-साथ लापता लोगों की पहचान और उन्हें सुरक्षित निकालना प्राथमिकता बनी हुई है। विशेषज्ञों ने हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर और बर्फ से जुड़ी घटनाओं के कारण अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को लेकर भी चिंता जताई है।
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