CID: टीवी की दुनिया में कई क्राइम शो आए और चले गए, लेकिन ‘सीआईडी’ ने दर्शकों के बीच जो पहचान बनाई, वह आज भी कायम है। शिवाजी साटम, आदित्य श्रीवास्तव, दयानंद शेट्टी और दिनेश फडनीस जैसे कलाकारों से सजा यह शो लंबे समय तक दर्शकों का पसंदीदा बना रहा। वर्ष 1998 में शुरू हुआ यह क्राइम ड्रामा करीब दो दशक तक टीवी पर प्रसारित हुआ और 2018 में अचानक बंद हो गया।
शो के बंद होने के बाद से ही दर्शकों के मन में यह सवाल बना रहा कि आखिर इतने लोकप्रिय कार्यक्रम को बंद करने की नौबत क्यों आई। अब दया का किरदार निभाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी ने एक बातचीत में उस दौर को याद करते हुए शो के ऑफ एयर होने की वजह पर खुलकर बात की है। उन्होंने शो से जुड़ी अंदरूनी परिस्थितियों के साथ यह भी बताया कि मशहूर गायिका लता मंगेशकर इस शो को बंद किए जाने के फैसले से काफी नाराज थीं।
CID: 2018 में अचानक बंद हो गया था लोकप्रिय शो
‘सीआईडी’ की शुरुआत 1998 में हुई थी। शो में पुलिस अधिकारियों की टीम अपराध के अलग-अलग मामलों को सुलझाती थी। इसकी कहानी, किरदार और कलाकारों की खास शैली दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुई।
लगभग 20 साल तक टीवी पर प्रसारित होने के बाद 2018 में शो को बंद कर दिया गया। उस समय इसके बंद होने को लेकर दर्शकों के बीच कई तरह की चर्चाएं हुईं, लेकिन इसकी वास्तविक वजह को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई थी।
CID: दयानंद शेट्टी ने बताई शो बंद होने की वजह
दयानंद शेट्टी ने सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में बताया कि शो के अंतिम दौर में चैनल और प्रोडक्शन टीम के बीच परिस्थितियां बदलने लगी थीं। उनके मुताबिक, चैनल शो के प्रोड्यूसर में बदलाव करना चाहता था, जबकि कलाकार इसके पक्ष में नहीं थे।
अभिनेता ने बताया कि कलाकार लंबे समय से एक ही प्रोड्यूसर के साथ काम कर रहे थे। उनके बीच आपसी भरोसे और समझ का रिश्ता था। यही वजह थी कि प्रोड्यूसर बदलने का प्रस्ताव कलाकारों को पसंद नहीं आया।
CID: अंदरूनी मतभेदों के बीच बिगड़ी बात
दयानंद के अनुसार, समस्या 2016 के आसपास शुरू हुई थी। उनका कहना था कि कलाकारों और प्रोडक्शन टीम के बीच लंबे समय से बेहतर तालमेल था और कई वर्षों तक बिना औपचारिक कॉन्ट्रैक्ट के भी काम चलता रहा।
उनके मुताबिक, अचानक प्रोड्यूसर बदलने की बात सामने आने के बाद कलाकारों ने इसका विरोध किया। यही मतभेद धीरे-धीरे इतने बढ़ गए कि शो को आगे जारी रखना मुश्किल हो गया और आखिरकार 2018 में ‘सीआईडी’ ऑफ एयर हो गया।
CID: लता मंगेशकर को बेहद पसंद था सीआईडी
दयानंद शेट्टी ने बातचीत में दिवंगत गायिका लता मंगेशकर से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि लता मंगेशकर ‘सीआईडी’ की बड़ी प्रशंसक थीं और शो के कलाकारों के साथ उनका खास जुड़ाव था।
अभिनेता के अनुसार, जब लता मंगेशकर को शो बंद किए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने शो को बचाने के लिए चैनल के अधिकारियों से बात भी की थी।
CID: शो बंद होने पर लता मंगेशकर ने जताई थी नाराजगी
दयानंद ने बताया कि लता मंगेशकर को शो के बंद होने का फैसला पसंद नहीं आया था। उन्होंने अपनी तरफ से चैनल तक अपनी नाराजगी पहुंचाई और सवाल किया कि जिस कार्यक्रम को वह खुद देखती हैं, उसे आखिर बंद क्यों किया जा रहा है।
अभिनेता के मुताबिक, लता मंगेशकर कलाकारों के काम की सराहना करती थीं और मुश्किल समय में उनका समर्थन भी करती थीं। यही वजह थी कि शो के बंद होने की खबर सुनकर उन्होंने इसे लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
CID: 2024 में फिर टीवी पर लौटा सीआईडी
2018 में ऑफ एयर होने के कई साल बाद ‘सीआईडी’ की वापसी हुई। वर्ष 2024 में शो नए अंदाज के साथ दोबारा दर्शकों के बीच पहुंचा। पुराने कलाकारों की मौजूदगी ने फैंस की पुरानी यादें ताजा कर दीं।
शो की वापसी के बाद इसमें नए कलाकारों की एंट्री भी हुई। इसी दौरान अभिनेता पार्थ समथान भी इसका हिस्सा बने थे। हालांकि, उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं रहा और करीब एक महीने बाद उन्होंने शो से दूरी बना ली।
CID: आज भी दर्शकों के बीच कायम है शो की लोकप्रियता
‘सीआईडी’ भारतीय टेलीविजन के उन चुनिंदा धारावाहिकों में शामिल है, जिनके किरदार आज भी दर्शकों को याद हैं। एसीपी प्रद्युमन, अभिजीत और दया जैसे किरदारों ने लोगों के बीच अलग पहचान बनाई।
खास तौर पर दयानंद शेट्टी का दया वाला किरदार और उनके चर्चित डायलॉग दर्शकों की यादों का हिस्सा बन चुके हैं। यही वजह है कि शो के बंद होने की पुरानी वजह सामने आने के बाद एक बार फिर ‘सीआईडी’ और उसके कलाकार चर्चा में हैं।




