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Aaj ka Panchang: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज के दिन का खास महत्व

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Aaj ka Panchang: 26 अगस्त 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। इस दिन भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। ऐसे में आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और करण के साथ-साथ शुभ-अशुभ समय की जानकारी जानना महत्वपूर्ण है।

अगर आप आज कोई नया काम शुरू करने, महत्वपूर्ण खरीदारी करने, जरूरी समझौता करने या किसी शुभ कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का ध्यान रखना उपयोगी रहेगा। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर होने के कारण शुभ मुहूर्त और राहुकाल के समय में भी कुछ बदलाव देखने को मिलता है।

26 अगस्त 2026 का पंचांग

26 अगस्त 2026 को बुधवार है। इस दिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। पंचांग के अनुसार दिन के अलग-अलग समय में तिथि, नक्षत्र और योग में बदलाव होगा।

दिन: बुधवार, 26 अगस्त 2026
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्दशी
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 12:22 बजे से 1:59 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:28 बजे से 5:12 बजे तक

शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त को विशेष माना जाता है। वहीं राहुकाल के दौरान परंपरागत रूप से नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

अभिजीत मुहूर्त में कर सकते हैं ये काम

अभिजीत मुहूर्त को दिन के प्रमुख शुभ समय में गिना जाता है। इस दौरान नया काम शुरू करना, किसी महत्वपूर्ण योजना पर काम आरंभ करना, जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना या किसी शुभ कार्य की शुरुआत करना अच्छा माना जाता है।

हालांकि, किसी विशेष धार्मिक संस्कार, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य के लिए केवल अभिजीत मुहूर्त पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय पंचांग और अन्य आवश्यक मुहूर्त भी देखे जाते हैं।

राहुकाल में किन कामों से बचना चाहिए

26 अगस्त को बुधवार होने के कारण राहुकाल दोपहर के समय रहेगा। इस अवधि को परंपरागत ज्योतिष में नए काम की शुरुआत के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।

राहुकाल के दौरान नया कारोबार शुरू करने, बड़ी खरीदारी करने, महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय लेने या किसी बड़े समझौते की शुरुआत करने से बचने की मान्यता है। यदि कोई काम पहले से चल रहा है और उसे पूरा करना जरूरी है, तो उसके लिए अलग नियम माने जाते हैं।

50 प्रमुख शहरों में शुभ मुहूर्त और राहुकाल

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय हर शहर में अलग होता है। इसी वजह से अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल के समय में भी कुछ मिनटों का अंतर देखने को मिलता है। 26 अगस्त के लिए प्रमुख शहरों का समय इस प्रकार है:

शहरअभिजीत मुहूर्तराहुकाल
नई दिल्ली11:57 AM–12:48 PM12:22 PM–1:59 PM
मुंबई12:13 PM–1:04 PM12:35 PM–2:10 PM
बेंगलुरु11:59 AM–12:49 PM12:19 PM–1:53 PM
कोलकाता11:14 AM–12:04 PM11:34 AM–1:10 PM
चेन्नई11:49 AM–12:39 PM12:09 PM–1:43 PM
हैदराबाद11:55 AM–12:46 PM12:16 PM–1:50 PM
अहमदाबाद12:17 PM–1:08 PM12:41 PM–2:17 PM
पुणे12:10 PM–1:01 PM12:31 PM–2:06 PM
जयपुर12:04 PM–12:55 PM12:29 PM–2:05 PM
लखनऊ11:45 AM–12:36 PM12:09 PM–1:46 PM
सूरत12:15 PM–1:06 PM12:40 PM–2:16 PM
कानपुर11:47 AM–12:38 PM12:11 PM–1:48 PM
नागपुर11:54 AM–12:45 PM12:17 PM–1:52 PM
विशाखापत्तनम11:40 AM–12:30 PM11:58 AM–1:32 PM
इंदौर12:06 PM–12:57 PM12:28 PM–2:04 PM
ठाणे12:13 PM–1:04 PM12:35 PM–2:10 PM
भोपाल12:01 PM–12:52 PM12:22 PM–1:58 PM
पिंपरी-चिंचवड़12:10 PM–1:01 PM12:31 PM–2:06 PM
पटना11:29 AM–12:19 PM11:53 AM–1:30 PM
वडोदरा12:15 PM–1:06 PM12:40 PM–2:15 PM
गाजियाबाद11:57 AM–12:48 PM12:21 PM–1:58 PM
लुधियाना12:03 PM–12:55 PM12:28 PM–2:05 PM
आगरा11:55 AM–12:46 PM12:19 PM–1:56 PM
नासिक12:11 PM–1:02 PM12:33 PM–2:08 PM
फरीदाबाद11:57 AM–12:48 PM12:22 PM–1:59 PM
मेरठ11:56 AM–12:47 PM12:20 PM–1:57 PM
राजकोट12:23 PM–1:14 PM12:48 PM–2:24 PM
वाराणसी11:38 AM–12:29 PM12:01 PM–1:38 PM
श्रीनगर12:07 PM–1:00 PM12:32 PM–2:09 PM
छत्रपति संभाजीनगर12:07 PM–12:58 PM12:27 PM–2:02 PM
धनबाद11:22 AM–12:12 PM11:46 AM–1:23 PM
अमृतसर12:08 PM–1:00 PM12:31 PM–2:08 PM
नवी मुंबई12:13 PM–1:04 PM12:35 PM–2:10 PM
प्रयागराज11:42 AM–12:33 PM12:05 PM–1:42 PM
रांची11:25 AM–12:16 PM11:49 AM–1:26 PM
हावड़ा11:14 AM–12:04 PM11:34 AM–1:10 PM
कोयंबटूर12:00 PM–12:50 PM12:21 PM–1:55 PM
जबलपुर11:53 AM–12:44 PM12:14 PM–1:50 PM
ग्वालियर11:56 AM–12:48 PM12:20 PM–1:57 PM
विजयवाड़ा11:46 AM–12:37 PM12:07 PM–1:41 PM
जोधपुर12:14 PM–1:05 PM12:39 PM–2:16 PM
मदुरै11:55 AM–12:45 PM12:15 PM–1:49 PM
रायपुर11:43 AM–12:34 PM12:03 PM–1:38 PM
कोटा12:06 PM–12:58 PM12:30 PM–2:06 PM
गुवाहाटी10:53 AM–11:44 AM11:13 AM–12:49 PM
चंडीगढ़12:00 PM–12:52 PM12:25 PM–2:02 PM
सोलापुर12:04 PM–12:55 PM12:25 PM–1:59 PM
हुबली-धारवाड़12:06 PM–12:56 PM12:26 PM–2:00 PM
बरेली11:51 AM–12:42 PM12:15 PM–1:52 PM
देहरादून11:56 AM–12:48 PM12:20 PM–1:57 PM

राहुकाल के दौरान क्या करें और क्या न करें

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल को शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल समय नहीं माना जाता। इस दौरान नया कारोबार शुरू करने, बड़ी संपत्ति या वाहन खरीदने, महत्वपूर्ण आर्थिक लेनदेन करने और नए समझौते की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।

यदि किसी कारण से राहुकाल के दौरान यात्रा या जरूरी काम करना पड़े, तो अपने इष्ट देव का स्मरण करके और भगवान गणेश का ध्यान करके कार्य शुरू करने की धार्मिक मान्यता है। कुछ परंपराओं में घर से निकलने से पहले जल ग्रहण करने या सौंफ-हरा धनिया खाने का भी उल्लेख मिलता है।

शुभ मुहूर्त में क्या करना माना जाता है अच्छा

अभिजीत मुहूर्त को सकारात्मक और शुभ समय माना जाता है। इस दौरान नए काम की शुरुआत, दुकान या संस्थान से जुड़े शुभ कार्य, जरूरी समझौते और अन्य महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं।

हालांकि, किसी बड़े धार्मिक संस्कार या मांगलिक कार्यक्रम के लिए व्यक्ति की कुंडली और स्थानीय पंचांग के आधार पर मुहूर्त देखना अधिक उचित माना जाता है।

26 अगस्त का धार्मिक महत्व

26 अगस्त 2026 को भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। धार्मिक परंपराओं में इस तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु और भगवान गणेश की पूजा का विधान बताया गया है।

अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान विष्णु की पूजा और अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है। वहीं गणेशोत्सव से जुड़े आयोजनों में इस तिथि का विशेष महत्व रहता है।

अनंत चतुर्दशी पर क्या है मान्यता

अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और अनंत सूत्र धारण करने से जीवन की बाधाएं दूर होने तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति की कामना की जाती है।

बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। भक्त इस दिन गणेश जी और भगवान विष्णु की आराधना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

पूजा और शुभ कार्य से पहले रखें इन बातों का ध्यान

पंचांग में दिए गए समय सूर्योदय और स्थानीय भौगोलिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी बड़े मांगलिक या धार्मिक कार्य के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

राहुकाल को लेकर मान्यताएं धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें आस्था के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

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