Khabar hatke: गर्दन, कंधे या कमर में अकड़न होना आम समस्या है। लंबे समय तक कंप्यूटर पर बैठने, पढ़ाई करने या गलत पोस्चर की वजह से कई लोगों को ऐसी परेशानी होती है। राहत पाने के लिए लोग फिजियोथेरेपी से लेकर चिरोप्रैक्टिक उपचार तक का सहारा लेते हैं। हालांकि, गर्दन की मैनिपुलेशन जैसी प्रक्रिया को लेकर सावधानी बेहद जरूरी है।
अमेरिका के जॉर्जिया का कैटलिन जेन्सेन का मामला इसी वजह से चर्चा में आया था। जून 2022 में 28 वर्षीय कैटलिन गर्दन में जकड़न की शिकायत के बाद चिरोप्रैक्टर के पास गई थीं। इसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उन्हें गंभीर न्यूरोलॉजिकल नुकसान का सामना करना पड़ा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना के बाद उन्हें लंबे समय तक इलाज और रिहैबिलिटेशन की जरूरत पड़ी।
Khabar hatke: गर्दन की समस्या के लिए चिरोप्रैक्टर के पास पहुंची थीं कैटलिन
कैटलिन जेन्सेन ने जॉर्जिया सदर्न यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की थी और केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी में मास्टर डिग्री हासिल की थी। जून 2022 में उन्होंने गर्दन की परेशानी के लिए एक चिरोप्रैक्टर से अपॉइंटमेंट लिया। परिवार के मुताबिक, वह अपॉइंटमेंट से पहले बिल्कुल सामान्य थीं, लेकिन गर्दन की मैनिपुलेशन के बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
परिवार को जल्द ही जानकारी मिली कि कैटलिन की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। शुरुआती तौर पर इसे उपचार के बाद हुई गंभीर प्रतिक्रिया माना गया, लेकिन अस्पताल में जांच के बाद स्थिति की गंभीरता सामने आई।
Khabar hatke: गर्दन की चार धमनियों में हुआ डिसेक्शन
अस्पताल में डॉक्टरों ने पाया कि कैटलिन की गर्दन की चार धमनियों में डिसेक्शन हुआ था। इसमें धमनी की अंदरूनी परत में चोट या फटने की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होने का खतरा रहता है।
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रिपोर्टों के अनुसार, कैटलिन को इसके बाद स्ट्रोक और कार्डियक अरेस्ट का सामना करना पड़ा। उनका पल्स करीब 10 मिनट तक नहीं रहा, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें सीपीआर के जरिए बचाया। बाद में उनकी स्थिति स्थिर करने के लिए सर्जरी भी की गई और एक धमनी में स्टेंट लगाया गया।
Khabar hatke: स्ट्रोक और ब्रेन इंजरी के बाद बदल गई जिंदगी
इस घटना के बाद कैटलिन को गंभीर मस्तिष्क क्षति का सामना करना पड़ा। उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि सामान्य गतिविधियां भी मुश्किल हो गईं। उन्हें बोलने, निगलने और चलने जैसी क्षमताओं पर दोबारा काम करना पड़ा।
अस्पताल से निकलने के बाद उन्हें अटलांटा स्थित शेफर्ड सेंटर में रिहैबिलिटेशन के लिए ले जाया गया, जहां फिजिकल, स्पीच और दूसरी तरह की थेरेपी के जरिए उनकी रिकवरी पर काम किया गया।
Khabar hatke: परिवार ने बताया कैसे धीरे-धीरे हुई रिकवरी
कैटलिन के परिवार के मुताबिक, रिकवरी का सफर आसान नहीं था। शुरुआती दौर में वह आंखें झपकाकर या शरीर के सीमित हिस्सों को हिलाकर प्रतिक्रिया दे पाती थीं। बाद में उनके बाएं हिस्से में कुछ मूवमेंट वापस आने की जानकारी सामने आई।
परिवार ने उनकी हालत और इलाज से जुड़ी जानकारी लगातार साझा की। 2023 की एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना के कई महीने बाद भी उन्हें लंबे समय तक देखभाल और रिहैबिलिटेशन की जरूरत थी।
Khabar hatke: गर्दन की मैनिपुलेशन को लेकर क्यों जरूरी है सावधानी
कैटलिन का मामला बेहद गंभीर और दुर्लभ घटना के तौर पर सामने आया। हालांकि, किसी एक मामले से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हर गर्दन की मैनिपुलेशन प्रक्रिया ऐसी जटिलता पैदा करती है। विशेषज्ञों ने भी इस मामले में यह सवाल उठाया था कि धमनी की समस्या पहले से मौजूद थी या प्रक्रिया के दौरान विकसित हुई।
फिर भी, गर्दन में तेज दर्द, अचानक चक्कर, कमजोरी, बोलने में परेशानी, देखने में बदलाव या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन जैसे लक्षणों को सामान्य अकड़न समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण सामने आने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।
Khabar hatke: गर्दन में दर्द हो तो खुद से न कराएं तेज मैनिपुलेशन
गर्दन की अकड़न को दूर करने के लिए किसी भी अनट्रेंड व्यक्ति से जोरदार दबाव या झटका लगवाना जोखिम भरा हो सकता है। लगातार दर्द या अकड़न की स्थिति में योग्य डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।
कैटलिन जेन्सेन की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि गर्दन शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा है और मामूली लगने वाली समस्या के पीछे भी कोई दूसरी वजह हो सकती है। इसलिए सिर्फ तुरंत राहत के लिए गर्दन पर तेज मैनिपुलेशन कराने के बजाय पहले समस्या का सही कारण समझना जरूरी है।
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