BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: म्यांमार में शुक्रवार को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद अत्यधिक तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में अनुमानित 1000 लोगों की मौत हो गई है और 1700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ऐसे में भारत ने मानवीय सहायता प्रदान करते हुए म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी है।
राहत सामग्री की डिलीवरी
हिंदन में स्थित भारतीय वायुसेना के स्टेशन से सी-130जे विमान द्वारा यह राहत सामग्री भेजी गई। पैकेज में निम्नलिखित आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं:
- टेंट और स्लीपिंग बैग
- कंबल और खाने के लिए तैयार भोजन
- वाटर प्यूरीफायर और हाइजीन किट
- सोलर लैंप और जनरेटर सेट
- मेडिकल आपूर्ति जैसे पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने तथा पट्टियाँ
भूकंप के झटके और व्यापक प्रभाव
म्यांमार में मुख्य भूकंप के साथ-साथ कई आफ्टरशॉक्स भी आए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, आखिरी भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी। मांडले शहर के पास केंद्र स्थित इस भूकंप के झटके न केवल म्यांमार बल्कि थाईलैंड में भी महसूस किए गए। थाईलैंड के बैंकॉक में भी इमारतों में कंपन के कारण सैकड़ों लोगों ने तुरंत बाहर निकलने का प्रबंध किया। सोशल मीडिया पर स्विमिंग पूल से पानी निकलते हुए भी कई दृश्य दर्ज हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
इस प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए म्यांमार और थाईलैंड में उत्पन्न स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।”
म्यांमार में आए इस भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई है। भारत द्वारा भेजी गई 15 टन राहत सामग्री पीड़ितों के लिए आशा की किरण है। उम्मीद की जा रही है कि आगामी दिनों में राहत कार्य और बचाव कार्यों में तेजी लाई जाएगी ताकि प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता मिल सके।
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