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प्रयागराज में दलित नाबालिग को बहला-फुसलाकर केरल ले जाया गया, जबरन धर्मांतरण और जेहादी सोच थोपने की कोशिश, दो गिरफ्तार

BY: Yoganand Shrivastva

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दलित नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर केरल ले जाकर जबरन धर्मांतरण कराने और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल एक महिला और उसके पुरुष साथी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है।

केरल में रची गई थी साजिश

पुलिस के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम फूलपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी महिला दरकशा, पीड़िता की जान-पहचान की थी और दोनों एक शादी समारोह में मिली थीं। वहीं दरकशा ने पीड़िता को पैसे और महंगे सामान का लालच देकर अपने साथ चलने को राजी कर लिया। इसके बाद दरकशा अपने सहयोगी मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर लड़की को प्रयागराज रेलवे स्टेशन ले गई और वहां से दिल्ली होते हुए केरल के त्रिशूर तक पहुंची।

धर्मांतरण और आतंक से जुड़ने का दबाव

त्रिशूर पहुंचने के बाद पीड़िता को कुछ मौलानाओं से मिलवाया गया, जो पहले से दरकशा के संपर्क में थे। पीड़िता ने बताया कि वहां उस पर जोर डाला गया कि वह इस्लाम धर्म अपना ले और देश विरोधी विचारधारा को अपनाए। उसे लगातार पैसों और सुख-सुविधाओं का प्रलोभन दिया गया। साथ ही आतंक से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाया गया।

किस्मत से बच निकली नाबालिग

किसी तरह साहस जुटाकर पीड़िता वहां से भाग निकली और त्रिशूर रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां उसकी हालत देख स्थानीय पुलिस ने उसे संरक्षण में लिया। बाद में पीड़िता के परिजनों को सूचना दी गई और यूपी पुलिस की मदद से उसे वापस प्रयागराज लाया गया।

पुलिस ने किया खुलासा, जांच जारी

फूलपुर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दरकशा और मोहम्मद कैफ को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब जांच का फोकस यह जानने पर है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी महिला और उसका साथी इससे पहले भी अन्य मामलों में संदिग्ध रह चुके हैं।

फिलहाल स्थिति

पीड़िता को चिकित्सा और मानसिक परामर्श के लिए वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। वहीं पुलिस ने आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। साथ ही इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट ATS और IB को भी भेजी गई है, जिससे इस तरह के संगठनों पर बड़ी कार्रवाई हो सके।