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नागपुर में पैसों की लालच में मासूम की हत्या: पिता के दोस्तों ने ही किया अपहरण और कत्ल

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BY: Yoganand Shrivastva

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। छठी कक्षा के छात्र जीत युवराज सोनकर का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कांड उसके पिता के ही तीन दोस्तों ने अंजाम दिया और बाद में वे पिता के साथ मिलकर बच्चे की तलाश का नाटक भी करते रहे।

कैसे सामने आया मामला?

सोमवार को जीत रोज की तरह स्कूल गया था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत खापरखेड़ा थाने में दर्ज कराई। अगले दिन सावनेर तहसील के चनकापुर इलाके में एक बकरी चराने वाले को झाड़ियों में बोरी में बंद शव मिला। पहचान करने पर पुष्टि हुई कि शव जीत का ही है।

शव पर सिर और आंखों के पास गंभीर चोटों के निशान मिले, जिससे साफ हो गया कि उसकी हत्या की गई है।

पुलिस ने खोला राज

जांच के दौरान पुलिस ने शक के आधार पर जीत के पिता के एक करीबी दोस्त को हिरासत में लिया। पूछताछ में पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने बताया कि इस वारदात के पीछे राहुल पाल नामक युवक मास्टरमाइंड है। उसके साथ यश वर्मा और अरुण भारतीय भी शामिल थे।

राहुल और जीत के पिता युवराज सोनकर के बीच पिछले कई सालों से दोस्ती थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने यह खौफनाक योजना बनाई।

फिरौती के लिए रची साजिश

आरोपियों को जानकारी मिली थी कि युवराज ने हाल ही में करोड़ों रुपये की जमीन का सौदा किया है। इसी लालच में उन्होंने जीत का अपहरण किया और पिता से 5 लाख रुपये वसूलने की योजना बनाई।

हत्या और लाश को ठिकाने लगाने की कहानी

15 सितंबर को तीनों आरोपियों ने जीत का अपहरण किया और पूरे दिन उसे शहर में इधर-उधर घुमाते रहे। बाद में कार के अंदर ही उसका गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बोरी में भरकर चनकापुर की झाड़ियों में फेंक दिया।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि हत्या के बाद भी तीनों आरोपी पिता के साथ मिलकर बच्चे की तलाश में घूमते रहे, ताकि उन पर शक न हो।

तीनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने राहुल पाल, यश वर्मा और अरुण भारतीय को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ हत्या और अपहरण का केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।