चीन का 10G इंटरनेट: क्या भारत भी इस टेक्नोलॉजी रेस में शामिल हो पाएगा?

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10G नेटवर्क

आपने 4G और 5G के बारे में सुना होगा, लेकिन अब चीन ने इंटरनेट स्पीड की नई बेंचमार्क सेट कर दी है। हुआवेई और चाइना यूनिकॉम ने मिलकर दुनिया का पहला कमर्शियल 10G नेटवर्क लॉन्च किया है, जिसकी स्पीड 10 Gbps (गीगाबिट प्रति सेकंड) तक पहुँचती है! यानी अगर आप 8K रिज़ॉल्यूशन की कोई मूवी डाउनलोड करना चाहें, तो वह सिर्फ 1 सेकंड में पूरी हो जाएगी!

कहाँ और कैसे काम करेगा यह नेटवर्क?

  • इस नेटवर्क को पहले श्योंग’आन (Xiong’an) नाम के फ्यूचरिस्टिक सिटी में टेस्ट किया गया, जो बीजिंग से 110 किलोमीटर दूर है।
  • इसकी लैटेंसी (delay) सिर्फ 3 मिलीसेकंड है, जो ऑनलाइन गेमिंग, VR और सेल्फ-ड्राइविंग कार्स के लिए बेहद जरूरी है।
  • यह स्पीड 50G PON टेक्नोलॉजी से मुमकिन हुई है, जो मौजूदा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क से कहीं ज्यादा पावरफुल है।

भारत के लिए क्या मायने हैं?

भारत में अभी औसत इंटरनेट स्पीड 15-20 Mbps है, जबकि चीन का यह नया नेटवर्क 500 गुना तेज है! हालाँकि, भारत में 5G अभी पूरी तरह रोल आउट नहीं हुआ है, लेकिन चीन की यह छलांग दिखाती है कि टेक्नोलॉजी रेस में पीछे रहने का मतलब आर्थिक और सामरिक पिछड़ापन हो सकता है।

क्या यह सच में यूज़र के लिए उपयोगी होगा?

  • फिलहाल, आम यूज़र को इतनी स्पीड की जरूरत नहीं होगी।
  • लेकिन भविष्य में जब मेटावर्स, AI और IoT डिवाइसेज ज्यादा कॉमन होंगे, तब यह टेक्नोलॉजी गेम-चेंजर साबित होगी।

निष्कर्ष: चीन एक बार फिर टेक्नोलॉजी में दुनिया को पीछे छोड़ने की कोशिश कर रहा है। अब देखना यह है कि अमेरिका, यूरोप और भारत जैसे देश क्या जवाब देते हैं!

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