Report: Abhisek tiwari
Ganj Basoda जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद गंजबासौदा में प्रशासन ‘अलर्ट मोड’ पर है। होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए तहसीलदार अरविंद यादव ने अपनी टीम के साथ नगर के विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से नगर के होटल संचालकों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।

Ganj Basoda सघन जांच और स्टॉक का भौतिक सत्यापन
रविवार को तहसीलदार अरविंद यादव, पटवारी अनिल शर्मा और कोतवाली पुलिस बल के साथ नगर के मुख्य बाजारों और नेशनल हाईवे पर स्थित होटलों व नाश्ते की दुकानों पर पहुंचे। जांच के दौरान टीम ने होटलों की रसोइयों और गोदामों में रखे गैस सिलेंडरों के स्टॉक की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने विशेष रूप से यह देखा कि व्यावसायिक कार्यों के लिए नीले (कमर्शियल) सिलेंडरों के बजाय लाल (घरेलू) सिलेंडरों का उपयोग तो नहीं किया जा रहा है।

Ganj Basoda ‘घरेलू सिलेंडर मिला तो होगी सीधी कार्रवाई’
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार अरविंद यादव ने होटल संचालकों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग कानूनन अपराध है और किसी भी स्थिति में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तहसीलदार की चेतावनी: “यदि किसी भी होटल या दुकान पर गैस की कालाबाजारी या अवैध भंडारण पाया गया, तो संबंधित संचालक के खिलाफ न केवल आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई (FIR) भी सुनिश्चित की जाएगी।”
Ganj Basoda व्यापारियों में हड़कंप, जारी रहेगी मॉनिटरिंग
प्रशासन की इस औचक कार्रवाई से उन होटल संचालकों में खलबली मच गई है जो मुनाफाखोरी के चक्कर में घरेलू गैस का इस्तेमाल कर रहे थे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा। टीम अब नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के ढाबों पर भी नजर रखेगी ताकि रसोई गैस की कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।





