डॉ. मोहन यादव सरकार की 13 महीने 18 दिन की प्रमुख उपलब्धियां
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव की सरकार को 13 महीने से अधिक का समय हो गया है। इस दौरान वर्ष 2024 में प्रदेश के समग्र विकास के साथ जनकल्याण के लिए कई अहम कदम उठाए गए। राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिये जो सीधे जनता से जुड़े थे। इन निर्णयों से प्रदेश की जनता के जीवन में खुशहाली लाने और शासकीय सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध कराने के समुचित प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश को दी गईं देश की पहली राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल से वर्ष 2024 ऐतिहासिक तौर पर यादगार बन गया। जो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा। 2025 में मध्यप्रदेश सरकार युवा शक्ति, किसान कल्याण, गरीब कल्याण, नारी सशक्तिकरण जैसे मिशन को लक्ष्य लेकर काम करेगी।
डॉ. मोहन यादव सरकार की प्रमुख उपलब्धियां
- साइबर तहसील परियोजना प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू की।
- साइबर तहसीलों के माध्यम से नामांतरण, बंटवारा आदि विभिन्न राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन निराकरण होगा।
- साइबर तहसीलदार बनाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है।
- उज्जैन शहर के केडी गेट से इमली तिराहा मार्ग चौड़ीकरण के लिये 23 धार्मिक स्थलों को हटाने का फैसला।
- इस निर्णय में व्यवस्थापकों, पुजारियों और नागरिकों द्वारा सहयोग कर साम्प्रदायिक सौहार्द का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
- मंत्री अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे।
- मध्यप्रदेश की अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर 1 जुलाई 2024 से परिवहन जांच चौकियों के स्थान पर रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट की व्यवस्था शुरू की गई।
- इंदौर में एक दिन में वृहद पौधारोपण का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड।
- एक दिन में रोपे गए 12 लाख पौधे।
- प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए 5 जून से 30 जून तक जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया।
- विकसित भारत संकल्प यात्रा में 54 लाख से अधिक लोगों को मिला योजनाओं का लाभ।
- इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ की राशि का सरकार ने भुगतान किया।
- लाउडस्पीकर के प्रयोग पर नियंत्रण का फैसला लिया गया।
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं असीमित आवाज के प्रयोग को किया प्रतिबंधित किया।
- प्रदेश में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबन्ध।
- यातायात की सुगमता के लिए भोपाल में BRTS कॉरिडोर हटाया गया।
- राजस्व महाभियान के तीन चरणों में 80 लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया।
- राज्य सरकार द्वारा जिलों, संभागों, तहसीलों आदि की सीमाओं के पुनः निर्धारण एवं नियुक्तिकरण के एक पृथक प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया गया।
- ग्वालियर से बेंगलुरू, ग्वालियर से अहमदाबाद और ग्वालियर से दिल्ली-अयोध्या विमान सेवा का शुभारंभ।
- 350 करोड़ रु. की लागत से इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन हुआ।