ED का झारखंड और बंगाल में बड़ा एक्शन: 42 ठिकानों पर छापेमारी, थैलों में भरी मिली नकदी और ज्वेलरी

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by: vijay nandan

झारखंड और पश्चिम बंगाल में कोयला माफिया नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे शुरू हुए इस अभियान में ईडी की टीम ने दोनों राज्यों में कुल 42 लोकेशनों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती कार्रवाई में ही भारी मात्रा में नकदी, सोना और कीमती ज्वेलरी बरामद की गई, जिससे अधिकारियों तक हैरानी में पड़ गए।

एक साथ 18 लोकेशन झारखंड में – 24 से अधिक बंगाल में

सूत्रों के अनुसार, झारखंड में 18 ठिकानों और पश्चिम बंगाल में 24 से ज्यादा लोकेशनों पर छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि इन कोयला कारोबारियों का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है और लंबे समय से काले धन के मजबूत चैनल के जरिए कारोबार चलाया जा रहा था।

जांच में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज़ और कई अहम सबूत भी जब्त किए गए हैं। शुरुआती एविडेंस के आधार पर जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

धनबाद में हलचल, सुरक्षा बल तैनात

कोयले की राजधानी कहे जाने वाले धनबाद में भी कई बड़े कोल ट्रेडरों के ठिकानों पर एक्शन हुआ। देव विहार इलाके में कारोबारी लाल बहादुर सिंह के ठिकाने पर छापे के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ानी पड़ी। इससे पहले भी इस इलाके में अन्य एजेंसियों ने रेड की थी, लेकिन स्थानीय दबाव के चलते कार्रवाई प्रभावित होती रही। इस बार ईडी पूरी तैयारी और मज़बूत सुरक्षा के साथ पहुंची।

अचानक सर्च ऑपरेशन से माफियाओं में हड़कंप

सुबह-सुबह हुई इस छापेमारी के बाद दोनों राज्यों के कोल माफियाओं में खलबली मच गई। माना जाता है कि इन आरोपियों के कई राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों से संबंध हैं। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के सॉल्टलेक में रहने वाले नरेंद्र खड़का सहित कुख्यात कोयला कारोबारियों कृष्ण मुरारी, युधिष्ठिर घोष और परवेज आलम सिद्दकी के घरों और ऑफिसों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हावड़ा, दुर्गापुर, आसनसोल, पुरुलिया और वर्धमान में भी ईडी की टीमों ने व्यापक कार्रवाई की।