रिपोर्टर: सुधेश पांडेय
शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम: मुंगेली में हुआ सफल युक्तियुक्तकरण
मुंगेली जिले में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (Rationalisation) को लेकर शुक्रवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रभाकर पांडेय ने एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की। उन्होंने जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए उठाए गए इस कदम की विस्तृत जानकारी दी।
पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई प्रक्रिया
सीईओ प्रभाकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की पूरी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और नियमानुसार संपन्न की गई है। इसका उद्देश्य जिले के सभी स्कूलों में शिक्षकों की समुचित और संतुलित व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
वनांचल क्षेत्रों को मिला लाभ
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के बाद जिले के मुंगेली, पथरिया और लोरमी विकासखंड के वनांचल (आदिवासी) क्षेत्रों की कई प्राथमिक शालाओं में पहली बार शिक्षकों की तैनाती संभव हो पाई है। इससे उन बच्चों को शिक्षा का लाभ मिलेगा जो अब तक शिक्षकों की कमी से वंचित थे।
अब कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं
प्रेसवार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि अब जिले का कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं रह गया है।
माध्यमिक शालाओं में सभी आवश्यक विषयों के लिए शिक्षकों की पदस्थापना की गई है।
उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार व्याख्याताओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
शिक्षकों की सेवा पर कोई असर नहीं
सीईओ ने यह स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया से
किसी भी शिक्षक की सेवा या पद समाप्त नहीं हुआ है।
छात्र-शिक्षक अनुपात में भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है।
बल्कि, युक्तियुक्तकरण से शिक्षा का स्तर और पहुंच दोनों ही बेहतर हुए हैं।
भविष्य की योजना
प्रभाकर पांडेय ने बताया कि जिला प्रशासन का लक्ष्य शिक्षा को प्रत्येक बच्चे तक पहुँचाना है। आने वाले समय में तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ संबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि शिक्षक भी नई शिक्षा नीति के अनुरूप कार्य कर सकें।





